आंध्र प्रदेश में तूफान 'पेथाई' का खतरा, 72 घंटे पड़ सकते हैं भारी

बताया जा रहा है कि चक्रवात के अगले 72 घंटों के अंदर आगे बढ़ने की आशंका है. यह चक्रवात प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु की तरफ पश्चिम की ओर बढ़ सकता है. मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर मछुआरों को समंदर में अंदर ना जाने की सलाह दी है.

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प्रतीकात्मक फोटो. प्रतीकात्मक फोटो.

आदित्य बिड़वई

  • विशाखापट्टनम,
  • 14 दिसंबर 2018,
  • अपडेटेड 4:15 PM IST

अगले 12 घटें के अन्दर की खाड़ी में चक्रवाती तूफान 'पेथाई' आने का खतरा बना हुआ है. बंगाल की खाड़ी के दक्षिण उत्तर में कम दबाव का क्षेत्र बना है, जो आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तूफ़ान लेकर आएगा.

बताया जा रहा है कि चक्रवात के अगले 72 घंटों के अंदर आगे बढ़ने की आशंका है. यह चक्रवात प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु की तरफ पश्चिम की ओर बढ़ सकता है. मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर मछुआरों को समंदर में अंदर ना जाने की सलाह दी है.

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बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के कारण बादल छाए हुए हैं. इसके साथ ही उत्तर की तरफ से आ रही ठंडी हवाओं के कारण सर्दी में भी इजाफा हुआ है. विभाग के अनुसार, चक्रवात आने के पहले तटीय इलाकों में 13 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चल रहीं हैं.

चक्रवात पेथाई आंध्र प्रदेश के तटीय इलाके ओंगोले और काकीनाड़ा से 17 दिसंबर को टकराएगा. इस दौरान भारी बारिश होने की संभावना है. इस तूफ़ान का असर के अलावा श्रीलंका में भी दिखेगा. शनिवार और रविवार को इन तीनों तटीय इलाकों में बारिश हो सकती है.

हालांकि, मौसम विभाग का यह भी कहना है कि आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकराने के बाद तूफ़ान कमजोर पड़ सकता है. फिलहाल समंदर से मछुआरों को लौटने के लिए कहा गया है.

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तूफ़ान ने मचाई थी तबाही...

कुछ माह पहले तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश में तूफान ‘गाजा’ ने भारी तबाही मचाई थी. तूफान की वजह से 22 लोगों की मौत हो गई थी. जिसके बाद राज्य में राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाए गए थे. गाजा के असर से चलते राज्य के कई जिलों में भारी बारिश भी दर्ज की गई थी. 

गाजा तूफ़ान के तमिलनाडु के टकराने के बाद 100 से 120 किलोमीटर की रफ़्तार से हवाएं चली थीं. तूफान से कडलूर, नागपट्टिनम, थोंडी और पम्बन तथा कराईकल और पुडुचेरी में तीन से आठ सेंटीमीटर तक बारिश हुई थी.

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