फिर खुलेगा बोफोर्स का जिन्न, CBI दोबारा खोल सकती है फाइल

बोफोर्स केस 1987 में सामने आया था. इसमें स्वीडन से तोप खरीदने के सौदे में रिश्वत के लेनदेन के आरोपों में तत्कालीन प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी और दिवंगत इतालवी कारोबारी ओतावियो क्वात्रोकी के नाम घिर गए थे.

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फिर खुलेगी बोफोर्स की फाइल फिर खुलेगी बोफोर्स की फाइल

मोहित ग्रोवर

  • नई दिल्ली,
  • 11 अगस्त 2017,
  • अपडेटेड 11:32 AM IST

देश की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ सकता है. सीबीआई ने चर्चित बोफोर्स घोटाले की फाइल को दोबारा खोलने की अपील की है. सीबीआई ने पार्लियामेंट्री कमेटी को कहा है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट जाए उससे पहले वह इस केस को दोबारा खोल सकती है.

बता दें कि 64 करोड़ रुपए की दलाली से जुड़ा है, इसको लेकर बीजेपी सदस्य और वकील अजय अग्रवाल ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी. अग्रवाल ने इस मामले में स्पेशल लीव पेटीशन पर जल्द सुनवाई की मांग की थी, यह मामला सितंबर 2005 से लंबित है. गौरतलब है कि बोफोर्स केस के आरोपियों को दिल्ली हाई कोर्ट ने मई 2005 में बरी कर दिया था.

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बोफोर्स केस 1987 में सामने आया था. इसमें स्वीडन से तोप खरीदने के सौदे में रिश्वत के लेनदेन के आरोपों में तत्कालीन प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी और दिवंगत इतालवी कारोबारी ओतावियो क्वात्रोकी के नाम घिर गए थे.

आपको बता दें कि भारत सरकार और स्वीडन सरकार के रूप में एबी बोफोर्स कंपनी से तोपों को लेकर 1437 करोड़ रुपए की डील हुई थी. भारतीय सेना को इसकी पहली किस्त 24 मार्च, 1986 को मिली थी, वहीं 16 अप्रैल, 1987 में स्वीडन के एक रेडियो में इसमें दलाली की बात की थी.

 

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