पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखकर जगतार सिंह हवारा को अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए पैरोल देने की अपील की है. जगतार सिंह हवारा बब्बर खालसा संगठन का सदस्य है और 1995 में पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या की साजिश में उम्रकैद की सजा काट रहा है.
हवारा को पहले मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन बाद में इसे उम्रकैद में बदल दिया गया. हवारा उस समय भी चर्चा में आया था, जब वह चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल से एक लंबी सुरंग खोदकर फरार हो गया था. हालांकि, 2005 में उसे दोबारा पकड़ लिया गया था. वह फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है.
अब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हवारा को अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए 10 दिन की पैरोल देने की मांग की है. सीएम मान ने कहा कि मानवीय आधार पर पैरोल दी जानी चाहिए. गौरतलब है कि हवारा ने पैरोल की मांग को लेकर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में भी याचिका दायर की थी.
पैरोल का किया था विरोध
पंजाब सरकार ने फरवरी 2026 में जगतार सिंह हवारा की पैरोल की मांग को लेकर खिलाफ सिफारिश की थी. 19 फरवरी के जेल विभाग के पत्र में कहा गया था कि हवारा के खिलाफ 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं और SSP फतेहगढ़ साहिब व ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के निदेशक ने पैरोल देने की सिफारिश नहीं की थी. हालांकि, चार महीने बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखकर हवारा को उसकी बीमार मां की देखभाल के लिए 10 दिन की पैरोल देने की मांग की. इससे पंजाब सरकार के रुख में बदलाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं. यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी के बीच गठबंधन को लेकर अटकलें चल रही हैं.
मौत की सजा सुनाई गई थी
31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ में पंजाब सचिवालय के पास हुए विस्फोट में बेअंत सिंह समेत 16 अन्य लोगों की मौत हुई थी. ट्रायल कोर्ट ने छह आरोपियों को दोषी ठहराया था और उनमें से दो, बलवंत सिंह राजोआना और जगतार सिंह हवारा को मौत की सजा सुनाई थी.
असीम बस्सी / अमन भारद्वाज