पंजाब सरकार ने 4 साल में खरीदी 43 करोड़ बुप्रेनॉर्फिन टैबलेट, नशा छुड़ाने में होती है इस्तेमाल

पंजाब में नशे की लत के इलाज को लेकर सरकारी स्वास्थ्य तंत्र के आंकड़े सामने आए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साढ़े चार साल में 43 करोड़ से ज्यादा ब्यूप्रेनॉर्फिन टैबलेट खरीदी गईं और इलाज करा रहे मरीजों की संख्या 2 लाख से बढ़कर 3.17 लाख हो गई. जेलों में भी ओओएटी क्लिनिक चलाए जा रहे हैं.

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पंजाब में नशामुक्ति अभियान सरकार चला रही है. (Photo- सांकेतिक तस्वीर) पंजाब में नशामुक्ति अभियान सरकार चला रही है. (Photo- सांकेतिक तस्वीर)

aajtak.in

  • चंडीगढ़,
  • 07 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:39 AM IST

पंजाब में नशे की लत के इलाज से जुड़ी सरकारी व्यवस्था का बड़ा आंकड़ा सामने आया है. सार्वजनिक उपक्रमों पर बनी समिति की 2026-27 की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साढ़े चार साल में पंजाब हेल्थ सिस्टम्स कॉरपोरेशन ने 43 करोड़ से ज्यादा ब्यूप्रेनॉर्फिन टैबलेट खरीदी हैं. यह दवा नशे की लत के इलाज में इस्तेमाल होती है और सरकारी ओओएटी क्लिनिकों को सप्लाई की गई है. इसी दौरान इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़कर 3.17 लाख हो गई.

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रिपोर्ट के मुताबिक, ब्यूप्रेनॉर्फिन की खरीद सिर्फ पंजाब हेल्थ सिस्टम्स कॉरपोरेशन के जरिए की जाती है. आंकड़ों के अनुसार, 2022 में 7 करोड़ टैबलेट खरीदी गईं. इसके बाद 2023 में 9.44 करोड़, 2024 में 10 करोड़ और 2025 में 11 करोड़ टैबलेट खरीदी गईं. 2026 में जून तक 6 करोड़ टैबलेट की खरीद हो चुकी थी. ये सभी टैबलेट सरकारी आउटपेशेंट ओपिऑयड असिस्टेड ट्रीटमेंट यानी ओओएटी क्लिनिकों को सप्लाई की गईं.

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रिपोर्ट में बताया गया है कि नशे के खिलाफ कार्रवाई के दौरान अवैध सप्लाई चेन पर असर पड़ा. इसके बाद नशे की लत से जूझ रहे लोग इलाज के लिए सरकारी केंद्रों तक पहुंचने लगे. इसी वजह से नए रजिस्ट्रेशन में भी बढ़ोतरी हुई. 2022 में जहां करीब 2 लाख मरीज इलाज करा रहे थे, वहीं यह संख्या बढ़कर 3.17 लाख हो गई.

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जेलों में भी चल रहे ओओएटी क्लिनिक

सरकारी इलाज की यह व्यवस्था जेलों तक भी पहुंची है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 से अब तक जेलों में चल रहे ओओएटी क्लिनिकों को 88.19 लाख ब्यूप्रेनॉर्फिन टैबलेट सप्लाई की गई हैं. स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह के मुताबिक, जेलों में नशे की लत से जूझ रहे कैदियों के इलाज के लिए क्लिनिक शुरू किए गए हैं. यहां मनोचिकित्सक, काउंसलर और दूसरे विशेषज्ञ भी तैनात किए गए हैं.

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जेलों में बंद कैदियों को भी दिया जा रहा टैबलेट

आंकड़ों के मुताबिक, 2022 से अब तक जेलों में चल रहे ओओएटी क्लिनिकों में 40,830 कैदी रजिस्टर हुए हैं. यानी पंजाब में नशा मुक्ति के सरकारी नेटवर्क का दायरा सिर्फ आम लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि जेलों में बंद नशे की लत से जूझ रहे कैदियों को भी इसमें शामिल किया गया है.

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