पंजाब के मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी झोटा के परिवार से मिलने जाने वाले थे. लेकिन दिवंगत परविंदर के पिता भीम सिंह ने उनसे प्रदर्शन स्थल पर न आने की अपील की है.
मानसा में चल रहे धरने को संबोधित करते हुए भीम सिंह ने कहा कि राहुल गांधी से उनकी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी या अच्छा-बुरा रिश्ता नहीं है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नेहरू-गांधी और इंदिरा गांधी के परिवार से ताल्लुक रखते हैं. इसलिए वो हाथ जोड़कर विनती करते हैं कि राहुल गांधी या उस परिवार का कोई भी सदस्य न तो प्रदर्शन स्थल पर आए और न ही परिवार के पास आए.
इसके साथ ही उन्होंने बेअंत सिंह के परिवार और पूर्व कांग्रेसी और बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू से भी इस मोर्चे से दूर रहने के लिए भी कहा है.
अपने इस फैसले का कारण बताते हुए भीम सिंह ने इसे अपने सिख धर्म और पंथ से जोड़ा. उन्होंने कहा कि उन्हें जो भी मान-सम्मान और स्थान मिला है, वो गुरु नानक देव, गुरु गोविंद सिंह, अकाली बाबा फूले सिंह, बाबा दीप सिंह और श्री अकाल तख्त साहिब से जुड़ाव की वजह से है.
क्यों राहुल गांधी को आने से किया मना?
उन्होंने कहा कि अगर वो इन परिवारों के सदस्यों को प्रदर्शन के पास आने की इजाजत देते हैं, तो उन्हें डर है कि पंथ से उन्हें तनखैया घोषित कर दिया जाएगा या निष्कासित कर दिया जाएगा. वो अपने धर्म और पंथ का अपमान कभी नहीं कर सकते.
हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार के प्रतिनिधियों ने पहली बार पीड़ित परिवार से मुलाकात की है. इससे पहले 20 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा, सचिन पायलट, नवजोत सिंह सिद्धू के अलावा अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल और दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता भी मानसा पहुंचकर झोटा के पिता भीम सिंह से मुलाकात कर चुके हैं.
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बता दें कि परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर 2026 को मानसा में एक केमिस्ट की दुकान पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले को 20 दिन पूरे हो चुके हैं और मांगे पूरी न होने तक परिवार और एक्शन कमेटी ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया है. ऐसे में झोटा का शव अभी भी मानसा सिविल अस्पताल के शवगृह में रखा हुआ है.
कमलजीत संधू