गोद में मासूम, मां पर बरसाईं चप्पलें... फिर 20 हजार में सौदा करने पहुंचे दबंग, जानें पूरा मामला

पंजाब के कपूरथला में माता भद्रकाली मंदिर के बाहर महिला और उसके बच्चों से मारपीट के मामले में नया मोड़ आया है. पीड़िता के पति ने आरोप लगाया कि आरोपी दुकानदार के पिता और कुछ लोग घर पहुंचे और 20 हजार रुपये देकर मामला दबाने का दबाव बनाया. वाल्मीकि समाज ने गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन और चक्का जाम की चेतावनी दी.

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दुकानदार ने महिला को जमकर पीटा. (Photo: Screengrab) दुकानदार ने महिला को जमकर पीटा. (Photo: Screengrab)

सुकेत गुप्ता

  • कपूरथला ,
  • 14 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:00 PM IST

पंजाब के कपूरथला में माता भद्रकाली मंदिर के बाहर एक महिला और उसके बच्चों के साथ हुई मारपीट का मामला लगातार चर्चा में है. घटना का वीडियो सामने आने के बाद इस मामले ने लोगों का ध्यान खींचा था. वीडियो में एक महिला जमीन पर बैठी दिखाई दे रही है और उसकी गोद में एक साल की बच्ची है. इसी दौरान दुकानदार महिला के साथ मारपीट करता दिखाई दे रहा है. अब इस मामले में एक नया मोड़ सामने आया है. पीड़ित परिवार के मुताबिक, आरोपी पक्ष की तरफ से घर पहुंचकर उन्हें धमकाने और पैसे देकर मामला खत्म करने का दबाव बनाया गया. पीड़िता के पति ने आरोप लगाया है कि आरोपी दुकानदार के पिता और कुछ अन्य लोग उनके घर पहुंचे थे. उन्होंने परिवार को धमकाया और 20 हजार रुपये देकर मामला रफा-दफा करने के लिए कहा.

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पूरी घटना की शुरुआत एक मोटरसाइकिल के शीशे को छूने से हुई थी. पीड़ित परिवार के 9 साल के बच्चे के मुताबिक, दो दिन पहले भी वह खेल रहा था. इसी दौरान एक मोटरसाइकिल उससे छू गई थी और नीचे गिर गई थी. बच्चे का कहना है कि वह बाइक किसी श्रद्धालु की थी और उस श्रद्धालु ने उसे कुछ नहीं कहा था. बच्चे के मुताबिक, इसके बाद आरोपी दुकानदार वहां आया और उसने उसे पीटा था. बच्चे ने बताया कि घटना वाले दिन भी उसने एक मोटरसाइकिल का शीशा छू दिया था, जिससे शीशा थोड़ा टेढ़ा हो गया था. बच्चे का कहना है कि उसे पता नहीं था कि मोटरसाइकिल दुकानदार की है. बच्चे के मुताबिक, उसने शीशा तुरंत सीधा कर दिया था. इसके बावजूद दुकानदार दुकान से बाहर आया और उसे गालियां देने लगा. इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया.

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बच्चे को गाली देने से रोकने पर मां से मारपीट का आरोप

पीड़ित महिला के मुताबिक, जब दुकानदार उसके बेटे को गालियां देने लगा तो उसने हाथ जोड़कर उससे बच्चे को गाली नहीं देने की अपील की. महिला का कहना है कि उसने सिर्फ इतना कहा था कि छोटे बच्चे को गालियां देने के बजाय उसे समझा दिया जाए. महिला के मुताबिक, उसकी बात सुनकर दुकानदार और ज्यादा भड़क गया. आरोप है कि उसने महिला के साथ चप्पलों और लातों से मारपीट शुरू कर दी. उस समय महिला की गोद में एक साल की दूधमुंही बच्ची थी. पीड़िता ने बताया कि बच्ची भी डरकर रो रही थी, लेकिन इसके बावजूद मारपीट नहीं रुकी. महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसकी स्थिति की भी परवाह नहीं की और उसके साथ बेरहमी से मारपीट करता रहा.

अब इस मामले में पीड़िता के पति ने आरोपी पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पति के मुताबिक, आरोपी दुकानदार के पिता और कुछ अन्य लोग उनके घर पहुंचे थे. आरोप है कि उन्होंने परिवार को धमकाया और कहा कि अगर मामला आगे बढ़ाया गया तो इसका अंजाम बुरा होगा. पीड़िता के पति का दावा है कि आरोपी पक्ष के लोगों ने उन्हें 20 हजार रुपये दिए और मामले को यहीं खत्म करने के लिए कहा. पति के मुताबिक, उन्हें चुप रहने और आगे मामला नहीं बढ़ाने का दबाव बनाया गया. पीड़िता के पति ने यह भी आरोप लगाया कि उनका परिवार परेशान है और उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर डर है. उनका कहना है कि मीडिया की टीम उनके परिवार तक पहुंच गई, लेकिन पुलिस अब तक उनके पास नहीं पहुंची.

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पति का आरोप, घर पहुंचकर दी धमकी

घटना को लेकर अब वाल्मीकि समाज भी सामने आया है. समाज के नेता चरणजीत हंस ने पीड़ित परिवार के समर्थन में पुलिस और प्रशासन से आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है. चरणजीत हंस ने कहा कि एक गरीब महिला को उसके बच्चे के सामने सरेआम पीटा गया और इसके बाद आरोपी पक्ष के लोगों पर परिवार को धमकाने तथा 20 हजार रुपये देकर समझौते का दबाव बनाने का आरोप है. उन्होंने पुलिस और प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर आरोपी और धमकाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वाल्मीकि समाज सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा.

समाज की ओर से चक्का जाम की भी चेतावनी दी गई है. चरणजीत हंस का कहना है कि मामले में तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलना चाहिए. इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद पुलिस उनकी मदद के लिए अब तक उनके घर नहीं पहुंची. दूसरी तरफ पीड़िता के पति का आरोप है कि आरोपी पक्ष के लोग उनके घर तक पहुंच गए और परिवार पर समझौते का दबाव बनाया.

मामले की पड़ताल में पीड़ित परिवार तक मीडिया की टीम के पहुंचने की बात सामने आई है. इसके बाद पीड़ित परिवार ने घटना को लेकर अपनी पूरी बात रखी. परिवार ने मारपीट के अलावा धमकी और पैसे देकर मामला दबाने के दबाव का भी आरोप लगाया है. फिलहाल इस मामले में पीड़ित परिवार की ओर से लगाए गए आरोप सामने आए हैं. परिवार का कहना है कि उन्हें इंसाफ चाहिए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए. वहीं वाल्मीकि समाज ने भी पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है.

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वाल्मीकि समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि मंदिर के बाहर एक छोटे से विवाद से शुरू हुई घटना आखिर इतनी गंभीर कैसे हो गई. बाइक के शीशे को छूने से शुरू हुए विवाद में पहले बच्चे के साथ मारपीट का आरोप लगा. इसके बाद बच्चे की मां के साथ मारपीट का आरोप सामने आया. अब परिवार ने धमकी और 20 हजार रुपये देकर समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है. पीड़िता के परिवार की ओर से लगाए गए इन आरोपों के बाद मामला और गंभीर हो गया है.

वाल्मीकि समाज ने भी इस मामले को लेकर पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है. समाज ने कहा है कि अगर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी नहीं हुई तो सड़क पर उतरकर चक्का जाम किया जाएगा. अब इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजर है. पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपी पक्ष के लोग उनके घर तक पहुंचकर उन्हें धमका रहे हैं. परिवार ने जान का खतरा बताते हुए इंसाफ की मांग की है. वहीं वाल्मीकि समाज भी पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होने का दावा कर रहा है.
 

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