Ex DGP के बेटे की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने चौंकाया... दाहिने हाथ पर मिला सिरिंज का निशान, जबकि रिपोर्ट में 'इंजेक्शन' से ड्रग्स लेने का जिक्र नहीं

Former Punjab DGP Mohammad Mustafa case: पंजाब के पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की संदिग्ध मौत के मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने जांच को एक नई दिशा दे दी है. मुस्तफा ने अपने बेटे को 18 साल पुराना ड्रग्स एडिक्ट और मानसिक बीमारी (साइकोटिक) से पीड़ित बताया था. लेकिन सूत्रों के अनुसार इंजेक्शन के जरिए ड्रग्स लेने का कोई जिक्र नहीं था.

Advertisement
Ex DGP बोले- बेटा 18 साल से ड्रग्स एडिक्शन का शिकार था. Ex DGP बोले- बेटा 18 साल से ड्रग्स एडिक्शन का शिकार था.

अमन भारद्वाज

  • चंडीगढ़ ,
  • 22 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 1:36 PM IST

पंजाब के पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की संदिग्ध मौत के मामले की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट चौंकाने वाली है. इसके अनुसार, अकील के दाहिने हाथ पर कोहनी से करीब 7 सेंटीमीटर ऊपर एक सिरिंज का निशान पाया गया है. हालांकि, अकील की मृत्यु के बाद की रिपोर्टों में उसके नशे की लत का जिक्र था, लेकिन सूत्रों के अनुसार इंजेक्शन के जरिए नशीली दवाओं के इस्तेमाल का कोई जिक्र नहीं था.

Advertisement

मेडिकल एक्सपर्ट के अनुसार, नशे का आदी व्यक्ति आमतौर पर बाएं हाथ में इंजेक्शन लगाना शुरू करता है, क्योंकि वहां तक पहुंचना आसान होता है. जब बार-बार इस्तेमाल से निशान दिखाई देने लगते हैं और व्यक्ति को आदत हो जाती है, तो वे अक्सर दाएं हाथ में इंजेक्शन लगाना शुरू कर देते हैं. चूंकि अकील अख्तर इंजेक्शन से नशीली दवाओं का आदी नहीं था, इसलिए उसके हाथ पर सिफ एक इंजेक्शन का निशान पाया गया.  

इस बीच, एसीपी विक्रम नेहरा की देखरेख में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है और जांच शुरू कर दी है. इस टीम में इंस्पेक्टर पृथ्वी, पीएसआई पूजा, सब-इंस्पेक्टर प्रकाश और साइबर एक्सपर्ट पीएसआई रामास्वामी शामिल हैं. एसआईटी ने मंगलवार को पंचकूला के मनसा देवी पुलिस स्टेशन में शिकायतकर्ता शमशुद्दीन से 5 घंटे तक पूछताछ की. 

Advertisement

डीजीपी का भावुक बयान, 18 साल से जूझ रहा था बेटा
परिवार के सदस्यों पर हत्या और षड्यंत्र की FIR दर्ज होने के बाद aajtak से विशेष बातचीत में डीजीपी मुस्तफा ने अपने इकलौते बेटे की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने अपने बेटे की 18 साल की ड्रग-लत और मानसिक जटिलताओं का दर्दनाक खाका पेश किया.

उन्होंने बताया कि बेटे को यह लत स्कूल के समय सॉफ्ट ड्रग्स से लगी, जो बाद में हीरोइन और 2024 में 'आइस'  तक पहुंची. मनाली में एसिड के प्रयोग ने मानसिक व शारीरिक असर को बढ़ाया.  मुस्तफा ने बताया कि बेटे में साइकोटिक लक्षण भी दिखते थे, जिसमें वह ऐसी चीजें देखता या सुनता था जो वास्तविकता में नहीं होती थीं. 

डीजीपी ने घर के अंदर हुई घटनाओं का बेबाकी से जिक्र किया, जैसे 2019 में कमरे में आग लगाना, बहू को बंद करना, और परिवार व स्टाफ पर हिंसात्मक व्यवहार. उन्होंने कहा, इन सबके बावजूद परिवार ने बार-बार बेटे की देखभाल की, क्योंकि "बेटा बेटा ही रहता है."

मुस्तफा ने अपने परिवार पर लगाए जा रहे गंभीर आरोपों को राजनीतिक एजेंडा बताते हुए खारिज किया. उन्होंने अपनी पत्नी, बेटी और बहू के चरित्र की सार्वजनिक तौर पर कड़ी पैरवी की.  उन्होंने पुलिस SIT जांच का खुले दिल से स्वागत किया और पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया. उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि जांच में झूठ साबित हुआ तो कानून सख्ती से कार्रवाई करेगा, और सच्चाई सामने आकर रहेगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »