योगेंद्र यादव ने संयुक्त किसान मोर्च की कॉर्डिनेशन कमेटी से दिया इस्तीफा, बताई ये वजह

योगेंद्र यादव किसान आंदोलने के एक अहम हिस्सा रहे हैं. वह लगातार सरकार पर वादों को पूरा नहीं करने का आरोप भी लगाते रहे हैं. इस बीच कमेटी से उनके इस्तीफे ने राजनीतिक गलियारों में भी नई अटकलों को जन्म दिया है.

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योगेंद्र यादव (File Photo) योगेंद्र यादव (File Photo)

अमित भारद्वाज

  • नई दिल्ली,
  • 04 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 7:09 PM IST

स्वराज इंडिया पार्टी के अध्यक्ष और किसान नेता योगेंद्र यादव ने संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) की कॉर्डिनेशन कमेटी से इस्तीफा दे दिया है. उनका यह इस्तीफा कांग्रेस के 'भारत जोड़ो अभियान' से जुड़ने के अगले दिन आया है. अपने इस्तीफे में योगेंद्र यादव ने अपनी जिम्मेदारी 'जय किसान आंदोलन' संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपने का ऐलान किया है. दरअसल, योगेंद्र यादव किसान आंदोलने के एक अहम हिस्सा रहे हैं. वह लगातार सरकार पर वादों को पूरा नहीं करने का आरोप भी लगाते रहे हैं. इस बीच कमेटी से उनके इस्तीफे ने राजनीतिक गलियारों में भी नई अटकलों को भी जन्म दिया है.

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योगेंद्र यादव ने कहा, "31 अगस्त की जूम मीटिंग में मैंने आप सब को सूचित कर दिया था कि मैं अब संयुक्त किसान मोर्चा की कोऑर्डिनेशन कमेटी के सदस्य की जिम्मेवारी नहीं निभा पाऊंगा. पिछले कुछ समय से मुझे महसूस हो रहा है कि इस किसान विरोधी (और देश विरोधी) मोदी सरकार का मुकाबला करने के लिए यह जरूरी है कि जमीन पर चल रहे सभी जन आंदोलनों (किसान और मजदूर आंदोलन; बेरोजगारी, मंहगाई और अग्निपथ जैसे मुद्दों के आंदोलन आदि) और इस सरकार की नीतियों के खिलाफ खड़े विपक्षी राजनीतिक दलों की ऊर्जा को जोड़ा जाए. इसलिए मैं किसान आंदोलन के साथ-साथ अन्य आंदोलनों से भी संपर्क में हूं. अपनी पार्टी स्वराज इंडिया के साथ साथ अन्य राजनीतिक दलों के साथ समन्वय की कोशिश में भी लगा हुआ हूं. मेरी उम्मीद है कि इन कोशिशों से किसान आंदोलन के हाथ भी मजबूत होंगे."

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'किसान मोर्चा का सिपाही बना रहूंगा'

अपने इस्तीफे पत्रा में उन्होंने कहा, "मेरी इस प्राथमिकता को देखते हुए मेरे लिए संभव नहीं हो पाएगा कि मैं संयुक्त किसान मोर्चा की कोआर्डिनेशन कमेटी की जिम्मेदारी के साथ न्याय कर सकूं. मेरी जगह मेरे संगठन "जय किसान आंदोलन" के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवीक साहा इस जिम्मेवारी के लिए उपलब्ध रहेंगे. जाहिर है "जय किसान आंदोलन" का सदस्य होने के नाते मैं संयुक्त किसान मोर्चा का सिपाही बना रहूंगा और मोर्चे द्वारा तय किसी भी कार्यक्रम में पूरा सहयोग दूंगा." 

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