मणिपुर में बीते लंबे समय से जारी तनाव के बीच भाईचारे की एक नई पहल सामने आई है. सीएम वाई. खेमचंद सिंह ने मैतेई समुदाय से आगे बढ़कर 'बड़े भाई' की जिम्मेदारी संभालने की बात कही. उनका मानना है कि मैतेई, कुकी और नगा समाज जब तक एक दूसरे का हाथ थामकर नहीं चलेंगे, तब तक राज्य में न तो शांति लौट सकती है और न ही तरक्की का रास्ता खुल सकता है.
तिरंगा रैली को संबोधित करते हुए सीएम खेमचंद सिंह ने कहा कि मणिपुर की तरक्की सभी समुदायों की एकजुटता पर निर्भर है. अगर हर समुदाय सिर्फ अपने बारे में सोचेगा तो राज्य कभी आगे नहीं बढ़ पाएगा. सभी को साथ लेकर चलना ही सबसे बड़ा रास्ता है.
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मैतेई समुदाय को बड़े भाई की जिम्मेदारी निभानी चाहिए. उन्हें अपने पूर्वजों से मिली इस धरती की रक्षा करनी है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर अलग-अलग समुदायों के बीच अविश्वास पैदा कर रहे हैं. ऐसे लोगों की पहचान करना जरूरी है. राज्य में शांति तभी संभव है जब हर वर्ग मिलकर काम करे. मैतेई, कुकी और नगा समाज को अपनी सोच से बाहर निकलना होगा. अगर हर कोई सिर्फ अपने फायदे की बात सोचेगा, तो मणिपुर कभी आगे नहीं बढ़ पाएगा.
इतिहास से सीख लेने की जरूरत
मणिपुर का इतिहास उठाकर देखें तो संकट के समय हमेशा सभी समुदाय एक साथ खड़े हुए हैं. 19वीं सदी में जब बर्मा के साथ भयावह युद्ध हुआ था, तब भी हर वर्ग के नेताओं ने एक होकर दुश्मनों को अपनी जमीन से खदेड़ा था. अपने पुरखों से मिली इस धरती की रक्षा करना और इसे संभालना हम सबकी साझी जिम्मेदारी है.
कुछ लोग जान-बूझकर समुदायों के बीच अविश्वास की दीवार खड़ी कर रहे हैं. हाल ही में जिरिबाम दौरे के बाद बिष्णुपुर के ट्रोंगलाओबी में बम धमाका हुआ. इस दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चों की जान चली गई, जबकि उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गईं. कोई भी सरकार ऐसा घटिया काम कभी नहीं कर सकती. यह हरकत सीधे तौर पर राज्य का माहौल खराब करने वालों की है, जिन्हें जनता को पहचानना होगा.
हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ने की कॉल
मुख्यमंत्री ने लोगों से 'हर घर तिरंगा' अभियान में हिस्सा लेने की भी अपील की. उन्होंने कहा कि तिरंगा हमें यह याद दिलाता है कि देश को अपने परिवार की तरह प्यार करना चाहिए. अगर सभी समुदाय मिलकर आगे बढ़ेंगे, तभी मणिपुर में स्थायी शांति आएगी और विकास का रास्ता खुलेगा.
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