कर्नाटक की डीके शिवकुमार सरकार ने सोमवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया. इस दौरान कांग्रेस के 19 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. हालांकि, जिन 20 नामों को पार्टी ने मंजूरी दी थी, उनमें शामिल इकलौती महिला नेता गायत्री शांतेगौड़ा ने शपथ नहीं ली. कैबिनेट विस्तार से पहले मंत्री पद नहीं मिलने पर एक विधायक ने इस्तीफा दे दिया, वहीं कई अन्य नेता भी नाराज दिखाई दे रहे हैं. इसमें सबसे अधिक ध्यान खींचा कि पूर्व सीएम सिद्धारमैया शपथ ग्रहण के मंच से नदारद रहे. इसे लेकर भी तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं.
कुल मिलाकर डीके शिवकुमार की कैबिनेट का विस्तार सोमवार को दिनभर के हाईवोल्टेज ड्रामे के नाम रहा. जिसमें एक के बाद एक घटनाक्रम हुए.
1. मंच पर क्यों नहीं थे सिद्धारमैया
कर्नाटक कांग्रेस में तकरार खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की कैबिनेट के विस्तार और शपथ ग्रहण का कार्यक्रम लोक भवन में आयोजित किया गया था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्दारमैया इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए. वह क्यों नहीं आए इसे लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी को कांग्रेस के भीतर कैबिनेट की अंतिम सूची को लेकर उपजी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है.
मंच पर राज्यपाल थावर चंद गहलोत, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर मौजूद थे, जबकि सिद्दारमैया वहां नहीं दिखे. सिद्दारमैया का समारोह से दूर रहने का फैसला ऐसे समय में आया है, जब कांग्रेस कैबिनेट विस्तार को लेकर असंतोष से जूझ रही है.
2. यशवंतराय गौड़ा पाटिल का इस्तीफा
दूसरी ओर, मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से नाराज वरिष्ठ विधायक यशवंतराय गौड़ा पाटिल ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया. इससे मंत्रिमंडल फेरबदल के कुछ ही घंटों के भीतर पार्टी में विवाद खुलकर सामने आ गया. विजयपुर जिले की इंडी सीट से कई बार विधायक रहे पाटिल ने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि वरिष्ठता, पार्टी के प्रति वफादारी और चुनावी प्रदर्शन के बावजूद उन्हें बार-बार नजरअंदाज किया गया है. मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे को लेकर पाटिल का इस्तीफा बड़ा विरोध माना जा रहा है. मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से कई अन्य विधायक भी नाराज हैं.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मंगलवार को अपने आवास पर विधायक यशवंतराय पाटिल से मुलाकात की. पाटिल ने सोमवार को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था. सूत्रों के मुताबिक, मुलाकात के दौरान सुरजेवाला ने उन्हें अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन यशवंतराय पाटिल ने साफ कर दिया कि वह अपना इस्तीफा वापस नहीं लेंगे.
3. तनवीर सैत के घर के बाहर समर्थकों का प्रदर्शन, एक ने खाया कीटनाशक
तनवीर सैत को मंत्री नहीं बनाए जाने पर उनके एक समर्थक ने कीटनाशक निगलकर जान देने की कोशिश की. समर्थक के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिलने पर तनवीर सैत उससे मिलने अस्पताल पहुंचे और उसका हालचाल जाना. जानकारी के मुताबिक मंत्री पद नहीं मिलने से नाराज समर्थकों ने मैसूरु स्थित तनवीर सैत के आवास के बाहर प्रदर्शन करते हुए कैबिनेट विस्तार में उनके साथ अन्याय का आरोप लगाया है. प्रदर्शनकारियों ने इस मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए तनवीर सैत से कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने की मांग भी की. इसी बीच, तरबीज नाम के एक समर्थक ने कथित तौर पर मंत्री पद न मिलने से आहत होकर जहरीला पदार्थ निगल गया.
4. आज बेलूर गोपालकृष्ण देंगे इस्तीफा, किया ऐलान
कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार के बाद कांग्रेस की अंदरूनी कलह इतनी गहरा गई है कि मौजूदा विधायक लगातार इस्तीफे की बात कर रहे हैं. कैबिनेट में जगह नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस विधायक बेलूर गोपालकृष्ण ने ऐलान किया है कि वह मंगलवार सुबह 10 बजे विधायक पद से इस्तीफा देंगे. गोपालकृष्ण भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के प्रमुख दावेदारों में माने जा रहे थे.
5. गायत्री शांतेगौड़ा क्यों नहीं ले सकीं शपथ?
कांग्रेस आलाकमान ने 20 मंत्रियों के नामों को मंजूरी दी थी. इसमें गायत्री शांतेगौड़ा का नाम भी शामिल था, वह विस्तार में शामिल अकेली महिला होने वाली थीं, लेकिन सोमवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने शपथ नहीं ली. गायत्री हाल ही में चिकमगलूर स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र से कर्नाटक विधान परिषद के लिए चुनी गई हैं. यह सीट सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिसंबर 2021 में चुने गए बीजेपी नेता एमके प्राणेश का चुनाव रद्द किए जाने के बाद खाली हुई थी. हालांकि, गायत्री ने अभी तक कर्नाटक विधान परिषद की सदस्य के रूप में आधिकारिक शपथ नहीं ली है. यही वजह है कि वह इस बार मंत्री पद की शपथ नहीं ले सकीं.
नागार्जुन