भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के डीजी शत्रुजीत सिंह कपूर के बयानों पर कांग्रेस सरकार पर हमला बोला है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को चीन के मुद्दे पर भारत के सामने सफाई देनी चाहिए. उन्होंने आईटीबीपी के डीजी शत्रुजीत सिंह कपूर के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश में PLA के साथ लगातार हो रहे टकराव की ITBP के DG द्वारा पुष्टि, बेहद चिंताजनक है. डोकलाम और गलवान के बाद, क्या एक और गंभीर टकराव की स्थिति बन रही है?
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा जवाबदेही मांगती है न कि केवल राजनयिक फोटो-ऑप्स और 'हगप्लोमेसी.'
ITBP के डीजी शत्रुजीत सिंह कपूर ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में जुलाई से ही चीन के सैनिकों के साथ आमने-सामने टकराव की स्थिति बनी है और यह आज भी जारी है.
कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर लिखा है कि ITBP के डीजी शत्रुजीत सिंह के खुलासे के बाद तीन मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा, "अरुणाचल प्रदेश में PLA के साथ लगातार हो रहे टकराव की ITBP के DG द्वारा पुष्टि बेहद चिंताजनक है. डोकलाम और गलवान के बाद, क्या एक और गंभीर टकराव की स्थिति बन रही है? अगस्त में तक्सिंग के पास चीनी घुसपैठ की खबरें सामने आई थीं. वाचा-दमाई में कॉर्प्स कमांडर स्तर की बातचीत के 47 दिन बाद भी, जो कि घटनास्थल से महज 180 किमी दूर हुई थी, टकराव जारी है. क्या भारत की पेट्रोलिंग करने की पहुंच प्रभावित हुई है? अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है. देश को अंधेरे में क्यों रखा जा रहा है.
आर्थिक सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि गलवान में भारतीय सेना के 20 बहादुर जवानों की शहादत के बाद से वित्त वर्ष 2020-21 में, चीन से आयात में 102% की भारी वृद्धि हुई है, जबकि चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 155% बढ़कर 112.16 अरब डॉलर तक पहुंच गया है.
उन्होंने कहा कि यहां तक कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी माना है कि चीन भारतीय निर्यात में बाधा डालता है. इसके बावजूद, सरकार चीनी निवेश पर लगी पाबंदियों में ढील दे रही है और चीन से जुड़ी पात्र कंपनियों को PLI (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) का लाभ देने पर विचार कर रही है. क्या 'मेक इन इंडिया' अब 'चीन से आयात' में बदल गया है?
राजनयिक जवाबदेही की बात करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि मोदी और शी जिनपिंग के बीच कम से कम 23 मुलाकातें और बातचीत, NSA अजीत डोभाल के साथ विशेष प्रतिनिधियों के 25 दौर की वार्ता, WMCC की 36 बैठकें, और लगातार SCO तथा BRICS शिखर सम्मेलन हुए हैं. इन मुलाकातों और वार्ताओं का ठोस नतीजा क्या निकला? क्या मई 2020 से पहले भारत को प्राप्त पेट्रोलिंग के अधिकार पूरी तरह बहाल हो गए हैं?
हमें अपने सशस्त्र बलों पर पूरा भरोसा है. लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में जवाबदेही जरूरी है, न कि केवल राजनयिक फोटो-ऑप्स और 'हगप्लोमेसी'.
उन्होंने कहा कि विपक्ष पर हमला करने के बजाय प्रधानमंत्री मोदी को संसद और पूरे देश को विश्वास में लेना चाहिए.
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