विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को लेकर केंद्रीय मंत्रिपरिषद की 23 और 24 सितंबर को दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ बैठक आयोजित की जाएगी. ये चिंतन शिविर मंत्रिपरिषद की एक औपचारिक बैठक है, जिसमें सभी केंद्रीय मंत्री हिस्सा लेंगे. इस बैठक में चल रहे कार्यों की अब तक की प्रगति की समीक्षा करने के साथ-साथ भविष्य की योजनाएं बनाने पर फोकस रहेगा.
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस चिंतन शिविर में सरकार देश भर में चल रहे कार्यों की समीक्षा की जाएगी. विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर अगले विचारों, सुधारों और प्राथमिकताओं की पहचान की जाएगी.
2021 से चल रही है कवायद
विकसित भारत के विजन पर काम साल 2021 से लगातार चल रहा है. 'विजन@2047' और इसके अल्पकालिक व दीर्घकालिक रोडमैप को तैयार करने के लिए सचिवों के 10 क्षेत्रीय समूह गठित किए गए थे. इस पूरी कवायद को ठोस रूप देने के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श और परामर्श किया गया था.
वहीं, साल 2021 से लेकर अब तक विकसित भारत@2047 के विभिन्न पहलुओं पर मंत्रिपरिषद् के सामने 8 प्रस्तुतियां और चर्चाएं पूरी हो चुकी हैं. वर्तमान चिंतन शिविर इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है. ये आयोजन सचिवों के समूहों, मंत्रालयों और विभागों, कैबिनेट सचिवालय तथा नीति आयोग द्वारा किए जा रहे कार्यों को एक साझे मंच पर लाता है. इसमें सुधार, ईज ऑफ लिविंग, कंप्लायंस में कमी और अन्य प्रशासनिक प्राथमिकताएं शामिल हैं.
ये कोई अलग-थलग या एकमात्र चिंतन शिविर नहीं है. सरकारी सूत्रों के अनुसार 23 और 24 सितंबर को दो दौर की व्यापक चर्चाओं के बाद आने वाले दिनों में इसके अगले दौर भी आयोजित किए जाएंगे. सरकार 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर योजनाबद्ध तरीके से काम आगे बढ़ा रही है.
हिमांशु मिश्रा