उत्तराखंड के बाद कौन-कौन से राज्य UCC लागू करने की तैयारी में? किसने कहा NO, देखें पूरी लिस्ट

उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू हो गया है. इस बीच आइए आपको बताते हैं कि उत्तराखंड के अलावा कौन-कौन से ऐसे राज्य हैं, जो इस तरफ कदम आगे बढ़ा रहे हैं. आइए जानते हैं उन राज्यों के बारे में...

Advertisement
प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 3:08 PM IST

उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू कर दिया गया है. वहां अब पुराने कई कानून बदल गए हैं, जैसे अब उत्तराखंड में शादी के साथ-साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल्स को भी अपना रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है. इसके अलावा अब उत्तराखंड में बेटे और बेटी के लिए माता-पिता की प्रॉपर्टी में भी बराबरी का कानून लागू हो गया है. इस बीच आइए जानते हैं कि उत्तराखंड के अलावा कौन-कौन से राज्य इस तरफ अपना कदम बढ़ा रहे हैं.

Advertisement

गोवा में लागू

भारतीय संविधान में गोवा को विशेष राज्य का दर्जा मिला हुआ है. साथ ही संसद ने कानून बनाकर गोवा को पुर्तगाली सिविल कोड लागू करने का अधिकार दिया था. इसलिए गोवा में यूसीसी उत्तराखंड से भी पहले से लागू है.

कर्नाटक

डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक 2023 के चुनावी घोषणापत्र में बीजेपी ने UCC के क्रियान्वयन को मुख्य मुद्दा बताया था. पार्टी ने कहा कि वह इसी उद्देश्य से गठित एक उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर कर्नाटक में यूसीसी को लागू करेगी. हालांकि, चुनाव परिणाम बीजेपी के पक्ष में नहीं आए.

असम

पिछले साल असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि फरवरी 2024 तक असम में समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाएगी. ट्रिपल तलाक के बारे में बोलते हुए सरमा ने कहा कि किसी को भी एक से ज्यादा पत्नी रखने की इजाजत नहीं दी जाएगी. मुस्लिम महिलाओं के व्यापक हित के लिए समान नागरिक संहिता लागू की जानी चाहिए.

Advertisement

महाराष्ट्र

2023 में, भाजपा विधायक अतुल भटखलकर ने महाराष्ट्र में यूसीसी लागू करने की मांग की. जून 2023 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्य में यूसीसी लागू करने की वकालत की. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीएम की इस मांग के बाद यूसीसी का अध्ययन करने के लिए मुंबई विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और कांग्रेस नेता भालचंद्र मुंगेकर की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय समिति का गठन किया गया.

मध्य प्रदेश

2022 में मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने घोषणा की कि राज्य में समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के लिए एक समिति बनाई जाएगी. यह घोषणा तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी.

उत्तर प्रदेश

2022 में, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की बात कही. उन्होंने कहा,'एक देश में सभी के लिए एक कानून, समय की मांग है. यह आवश्यक है कि हम एक व्यक्ति के लिए एक कानून और अन्य के लिए दूसरा कानून की व्यवस्था से बाहर निकलें. हम समान नागरिक संहिता के पक्ष में हैं.'

हरियाणा

दिसंबर 2022 में हरियाणा के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा में यूसीसी को लागू करने के लिए अध्ययन किया जा रहा है. उन्होंने कहा,'हालांकि सरकार के लिए हर नागरिक समान है, चाहे उसका धर्म, जाति, क्षेत्र आदि कुछ भी हो. कुछ जगहों पर यूसीसी पर विचार किया जा रहा है. हरियाणा में हम कानून का विश्लेषण कर रहे हैं और इसे जल्द ही लागू करने पर विचार कर रहे हैं.'

Advertisement

गुजरात

2022 के गुजरात विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के अपने इरादे घोषित किए थे. 2023 में, विधि आयोग ने इस विषय पर फिर से चर्चा शुरू की. इसने कार्यान्वयन के संबंध में विभिन्न हितधारकों से नए इनपुट मांगे. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक गुजरात सरकार ने पहले ही राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के अपने इरादे की घोषणा कर दी है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »