यूपी-राजस्थान के स्कूलों में वीडियोग्राफी बैन का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, सर्कुलर रद्द करने की मांग

उत्तर प्रदेश और राजस्थान के स्कूलों में बाहरी लोगों की एंट्री और वीडियोग्राफी पर रोक लगाने वाले सरकार के सर्कुलर को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. सर्कुलर स्कूल में बिना समुचित इजाजत लिए फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव-स्ट्रीमिंग पर पाबंदी लगाता है.

Advertisement
याचिका में संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के उल्लंघन का हवाला देते हुए कहा गया कि यह सर्कुलर 'अभिव्यक्ति और प्रेस की स्वतंत्रता' के अधिकार को प्रभावित करता है. (Photo: ITG) याचिका में संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के उल्लंघन का हवाला देते हुए कहा गया कि यह सर्कुलर 'अभिव्यक्ति और प्रेस की स्वतंत्रता' के अधिकार को प्रभावित करता है. (Photo: ITG)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 23 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:07 AM IST

सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के जाने और वीडियोग्राफी पर रोक लगाने के उत्तर प्रदेश और राजस्थान सरकार के सर्कुलर को सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती दी गई है. वकील नरेंद्र मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर यह सर्कुलर रद्द करने की मांग की है. याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकारों का ये आदेश संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(a), 19(1)(g), 21 और 21-A का सीधा सीधा उल्लंघन करता है.

Advertisement

इस सर्कुलर के जरिए सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों, पत्रकारों, यूट्यूबर्स, सोशल मीडिया पर्सन्स और सिविल-सोसाइटी के रिप्रेजेंटेटिव्स की बिना समुचित इजाजत लिए दाखिल होकर शूटिंग या अन्य कार्यवाही संचालित करने पर रोक लगाई गई है. सर्कुलर स्कूल में बिना समुचित इजाजत लिए फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव-स्ट्रीमिंग पर पाबंदी लगाता है.

यह भी पढ़ें: 'BCI चेयरमैन मनन मिश्रा 15 दिन में दें इस्तीफा', को-चेयरमैन ने लिखा पत्र

याचिका में संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के उल्लंघन का हवाला देते हुए कहा गया है कि यह सर्कुलर मीडिया और नागरिकों के 'अभिव्यक्ति और प्रेस की स्वतंत्रता' के अधिकार को प्रभावित करता है. स्कूलों की कमियों या सच्चाई को उजागर करने से रोकना सूचना के अधिकार में बाधा है.

इसमें पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव है. सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में क्या चल रहा है, यह जानने का हक जनता को है. प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाने से भ्रष्टाचार और लापरवाही को बढ़ावा मिल सकता है.

Advertisement

अनुच्छेद 21 के तहत शिक्षा और गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का हनन किए जाने के तर्क के साथ जनहित याचिका में कहा गया है कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं या शिक्षकों की कमी को छुपाने के लिए यह सर्कुलर लाया गया है, जो बच्चों के शिक्षा के अधिकार (RTE) को प्रभावित करता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »