बीजेपी नेता उमा भारती ने शाहनवाज हुसैन के साथ पुराने संबंधों को याद किया है और भावुक कर देने वाले किस्से पेश किए हैं. इन किस्सों की वजह है पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन के बेटे अरबाज की हाल में हुई शादी. उमा भारती ने कहा है कि इस निकाह में उन्हें 26 अक्तूबर को फूफी की हैसियत से शामिल होना था. इसके लिए वे केदारनाथ जी से 25 तारीख सुबह वृंदावन आई, केदारनाथ जी में माइनस 3 डिग्री तापमान था वृंदावन में अत्यधिक गर्मी. इसकी वजह से वे 26 तारीख को दिल्ली जा ही नहीं सकी इसका उन्हें जीवन भर अफसोस रहेगा.
उमा भारती ने इसके साथ ही एक्स पर बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन के साथ अपने पुराने संबंधों को याद किया है.
इस शाहनवाज हुसैन ने उन्हें दीदी कहकर संबोधित किया है और कहा है कि, "आपके भावपूर्ण शब्दों ने मुझे भावुक कर दिया. 32 वर्षों का हमारा साथ, आपका स्नेह, मार्गदर्शन और आशीर्वाद मेरे जीवन की अनमोल पूंजी है."
उमा भारती ने एक्स पर बीजेपी के उस दौर को याद किया है जब देश में अयोध्या आंदोलन चल रहा था.
उन्होंने लिखा है, "शाहनवाज हुसैन जी जब वृंदावन में अपने बेटे अरबाज के विवाह का निमंत्रण-पत्र देने आए थे तब शाहनवाज जी से मेरी पहली मुलाकात से लेकर अरबाज की शादी के निमंत्रण तक की पूरी कहानी याद आ गई."
आगे उन्होंने लिखा, "1993 दिसंबर तक जगत प्रसाद नड्डा जी युवा मोर्चे के अध्यक्ष थे उनके बाद मैं बनी. शाहनवाज जी नड्डा जी की टीम में सदस्य की हैसियत से थे, उन्हें आशंका थी कि मैं नई टीम में उनको नहीं रखूंगी क्योंकि अयोध्या आंदोलन में इतनी सक्रिय भागीदारी के बाद मेरे जैसे लोगों की वामपंथियों के द्वारा ऐसी छवि प्रस्तुत कर दी गई कि हम मुस्लिम समाज के दुश्मन हैं."
अयोध्या आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शुमार उमा भारती ने कहा कि शाहनवाज हुसैन की अत्यधिक सक्रियता को देखकर पहली बार कार्यालय प्रभारी बने फिर राष्ट्रीय मंत्री बने फिर लोकसभा का चुनाव लड़े और 32 वर्ष की आयु में अटल जी की सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर बने.
शाहनवाज हुसैन की निजी जिंदगी पर उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी रेनू शर्मा के बारे में उन्होंने सबसे पहले मुझे ही बताया. रेनू एवं शाहनवाज दोनों अपनी धर्म का पालन करें और विवाह करें, मेरे इस सुझाव के बाद दोनों ने विवाह किया फिर दोनों के परिवारों ने उनको अपना लिया, फिर अरबाज का जन्म हुआ तो मेरे निवास पर युवा मोर्चे के सदस्यों ने खुशी मनाई इसमें साहब सिंह वर्मा भी शामिल हुए, फिर तो शाहनवाज तरक्की करते गए, बच्चे बड़े होते गए, उच्च शिक्षा प्राप्त की, रेनू एवं शाहनवाज के संबंधों की मिठास कभी कम नहीं हुई.
उमा ने कहा कि, 'अपने बेटे की शादी का निमंत्रण पत्र लेकर शाहनवाज जी वृंदावन आए और दिनांक 26 तारीख को शाम को अरबाज के निकाह में मुझे फूफी की हैसियत से बैठना था. मैं केदारनाथ जी से 25 तारीख सुबह वृंदावन आई, केदारनाथ जी में माईनस 3 डिग्री तापमान था वृंदावन में अत्यधिक गर्मी, फिर तो मैं 26 तारीख को दिल्ली जा ही नहीं सकी इसका मुझे जीवन भर अफसोस रहेगा.'
उन्होंने कहा कि अरबाज के निकाह में मुझे रहना था क्योंकि मेरी जिंदगी की यात्रा में शाहनवाज का साथ 32 साल का है, मेरी नजर में अभी भी वह बहुत छोटा है और मेरा भाई है, अब उसके बेटे का निकाह था, नहीं जा पाई.
उमा भारती के इस पोस्ट पर शाहनवाज हुसैन ने दिल को छू लेने वाली प्रतिक्रिया दी है.
उमा भारती को दीदी संबोधित करते हुए शाहनवाज हुसैन ने लिखा, "आपके भावपूर्ण शब्दों ने मुझे भावुक कर दिया. 32 वर्षों का हमारा साथ, आपका स्नेह, मार्गदर्शन और आशीर्वाद मेरे जीवन की अनमोल पूंजी है, अरबाज और अफशां के निकाह में आपकी कमी बहुत खली, लेकिन विश्वास था कि दीदी का आशीर्वाद सदैव हमारे साथ है. अरबाज का पहला जन्मदिन भी आपने अपने घर पर मनाया था, जिसकी याद आज भी दिल में बसी है."
उन्होंने कहा कि जब आप दिल्ली आएंगी, तो घर आकर अरबाज और अफशां को आशीर्वाद देंगी, यह हमारे लिए बहुत खुशी की बात होगी. फिर मैं दोनों को आपके साथ कहीं ले जाऊंगा और अपनी दीदी की ओर से उन्हें भोजन करवाऊंगा. आप मेरी दीदी ही नहीं, मेरी अभिभावक हैं. आपका स्नेह और आशीर्वाद हमेशा बना रहे.
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन के बेटे सैयद अरबाज हुसैन का निकाह 25 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित PSOI क्लब में हुआ. अरबाज ने हरियाणा के जगाधरी से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री मोहम्मद अकरम खान की बेटी अफशां खान से शादी की. 26 अक्टूबर को रिसेप्शन हुआ, इसमें कई दिग्गज हस्तियां शामिल हुईं.
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