जयपुर में राजपूत समुदाय से जुड़ी करणी सेना के सदस्य यूजीसी एक्ट और रेगुलेशन 2026 के खिलाफ जल्द विरोध मार्च निकालने की तैयारी में हैं. प्रदर्शनकारी नए यूजीसी नियमों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं और अपना ज्ञापन सौंपना चाहते हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन नियमों में झूठी शिकायतों के लिए सजा का प्रावधान नहीं है. उनका यह भी दावा है कि ये नियम मेरिट आधारित व्यवस्था को नुकसान पहुंचाएंगे और भेदभावपूर्ण हैं.
इसी मांग को लेकर बुधवार को जयपुर के रामनिवास बाग में राजपूत करणी सेना की ओर से एक बड़ी महापंचायत आयोजित की गई. सभा को संबोधित करते हुए करणी सेना अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि अगर यूजीसी से जुड़ा फैसला वापस नहीं लिया गया तो जयपुर और देशव्यापी जनआंदोलन और तेज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी सांसदों के घरों का घेराव करेंगे और विरोध के तौर पर काले झंडे दिखाएंगे.
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यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लेकर क्या है विवाद?
विवाद हाल में अधिसूचित यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लेकर है. इन रेगुलेशन का मकसद विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में निष्पक्षता, समावेश और बराबरी को बढ़ावा देना, परिसर में भेदभाव पर रोक लगाना और छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित करना बताया गया है.
महापंचायत में नारायण सिंह दीवराला और शेर सिंह कलवी समेत कई समाज नेता मौजूद रहे. इसमें हजारों लोग शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी रेगुलेशन के खिलाफ नारे लगाए और इन्हें सवर्ण समाज के हितों के खिलाफ बताया. सभा में आंदोलन को और तेज करने का भी फैसला किया गया.
आंदोलन को और तेज करने का संकल्प
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बीच समता आंदोलन समिति ने भी जयपुर के शहीद स्मारक पर समान मांगों को लेकर समानांतर प्रदर्शन किया. बाद में इसके सदस्य रामनिवास बाग में महापंचायत में शामिल हो गए. महापंचायत में कानून को लेकर नाराजगी जताई गई और कहा गया कि इससे समाज के कुछ वर्गों में नाराजगी है. प्रदर्शनकारियों ने आने वाले कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में शामिल होकर आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया.
कार्यक्रम के अंत में लोगों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया और एकजुटता के प्रतीक के तौर पर मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाई. आयोजकों ने दोहराया कि सवर्ण समाज के समूह अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और उन्हें सरकार से अनुकूल जवाब की उम्मीद है. पड़ोसी जिलों से भी हजारों लोग जयपुर पहुंचे और रास्ते भर नारे लगाते हुए यूजीसी रेगुलेशन वापस लेने की मांग उठाई.
देव अंकुर