तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट के सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया ने अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया है. 'आजतक' से खास बातचीत करते हुए बसुनिया ने साफ शब्दों में कहा कि वे तृणमूल कांग्रेस के वर्तमान तानाशाही सिस्टम से बेहद असंतुष्ट हैं, जहां किसी को अपनी बात रखने की आजादी नहीं है.
सांसद जगदीश बसुनिया ने बताया कि उनके मन में यह गुस्सा बहुत पहले से था जो धीरे-धीरे बढ़ता गया. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में निर्णय लेने की प्रक्रिया पूरी तरह सेंट्रलाइज हो चुकी है और इसमें भारी करप्शन व्याप्त है.
उन्होंने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, "पार्टी का सिस्टम और अभिषेक के फैसलों की वजह से ही आज टीएमसी के हालात इतने खराब हुए हैं". उन्होंने यह भी दावा किया कि बीरभूम के नेता अनुब्रत मंडल ने भी इंटरव्यू में यही बात खुलकर स्वीकार की है.
सीनियर नेताओं का अपमान और तानाशाही
बसुनिया ने कहा कि टीएमसी में सीनियर नेताओं का कोई सम्मान नहीं रह गया है और प्रत्याशियों के चयन में उनकी कोई राय नहीं ली जाती. उन्होंने एक हैरान करने वाला खुलासा करते हुए कहा, "मैं सांसद हूं, लेकिन मुझे खुद नहीं पता था कि मेरे अपने जिले कूचबिहार की सीटों पर कौन-कौन चुनाव लड़ रहा है. जिस दिन घोषणा हुई, उस दिन पता चला. हमें पहले से मालूम था कि वो उम्मीदवार हारने वाले हैं".
उन्होंने पुराना दर्द बयां करते हुए कहा कि 2019 में जब वे विधायक थे और उनके इलाके में हिंसा के कारण उन्हें 3 महीने घर छोड़ना पड़ा था, तब अपनी ही सरकार होने के बावजूद मुख्यमंत्री ने उनकी कोई मदद नहीं की थी.
मुहआ को लेकर दिया ये बयान
बागी सांसद ने खुलासा किया कि जिस दिन सुखेंदु शेखर रॉय ने इस्तीफा दिया था, उस दिन सभी बागी सांसद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर बैठे थे. पहले दिन वहां 14 सांसद मौजूद थे, जिसमें बाद में सायोनी घोष भी शामिल हुईं.
उन्होंने बताया कि वे सभी सोमवार को लोकसभा स्पीकर से मिलकर संसद में टीएमसी से अलग एक स्वतंत्र गुट के रूप में बैठने की मांग करेंगे, जिसका नेतृत्व काकोली घोष दस्तीदार या शताब्दी रॉय जैसी सीनियर नेता करेंगी.
जब उनसे महुआ मोइत्रा के बागी गुट में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है. उन्होंने कहा, 'महुआ कुछ दिन पहले ममता बनर्जी के विरुद्ध बात करती थीं, अभिषेक बनर्जी के विरुद्ध बात करती थीं. कब मन में क्या आएगा हम बोल नहीं सकते हैं.'
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कीर्ति आज़ाद पर तीखा हमला
टीएमसी सांसद कीर्ति आज़ाद द्वारा बागी सांसदों पर 50-50 करोड़ रुपये में बिकने के आरोपों पर जगदीश बसुनिया ने बेहद तल्ख लहजे में कहा, "कीर्ति आज़ाद का स्क्रू ढीला है. वह बिहार में रहते हैं, उन्हें बंगाल के जमीनी हालात का कोई अंदाजा नहीं है. बंगाल में आज हालात ऐसे हैं कि टीएमसी के प्रधान और काउंसलर्स जब घर से बाहर निकलते हैं, तो लोग उन पर जूते और अंडे फेंकते हैं".
उन्होंने साफ किया कि बगावत के बाद से न तो ममता बनर्जी और न ही अभिषेक बनर्जी ने उन्हें मनाने के लिए कोई फोन किया है.
पीयूष मिश्रा