लखीमपुर हिंसा केस: आशीष मिश्रा को मिली दिवाली पर घऱ जाने की अनुमति, 16 नवंबर तक सुप्रीम कोर्ट से राहत

सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के आरोपी आशीष मिश्रा को दिवाली के दौरान अपने घर जाने की अनुमति दी है. आशीष मिश्रा फिलहाल जमानत पर बाहर है, लेकिन पहले मिश्रा को अपने गृहनगर जाने की अनुमति नहीं थी.

Advertisement
SC ने आशीष मिश्रा को दिवाली के दौरान अपने घर जाने की अनुमति दी. (File Photo) SC ने आशीष मिश्रा को दिवाली के दौरान अपने घर जाने की अनुमति दी. (File Photo)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 26 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 12:43 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के आरोपी आशीष मिश्रा को दिवाली के दौरान अपने घर लखीमपुर खीरी जाने की अनुमति दी है. यह मामला 2021 में किसान आंदोलन के दौरान हुई हिंसा से जुड़ा है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि आशीष उर्फ मोनू मिश्रा को 16 नवंबर तक अपने घर रहने की अनुमति है. इसके बाद उन्हें घर छोड़ना होगा. 

Advertisement

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि मामले की सुनवाई कर रहे जज का तबादला होना एक अच्छी पहल है. वहीं, आशीष मिश्रा उर्फ मोनू के वकील ने इसे एक समान्य तबादला कहा. 

उत्तर प्रदेश सरकार ने कोर्ट को बताया कि मामले में कुल 131 गवाह हैं, जिनमें से 90 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं. इससे पहले की सुनवाई में प्रशांत भूषण ने निचली अदालत के जज के रवैये पर सवाल उठाया था. उन्होंने कहा था कि जज ने कई ऐसे कदम उठाए, जो हैरान करने वाले हैं.

प्रशांत भूषण के मुताबिक, जज ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के एक चश्मदीद गवाह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था, जबकि गवाह अपनी बीमारी का प्रमाण पत्र दे चुका था. 

यह भी पढ़ें: 'योगी जी को धन्यवाद कहिए', जब सुरक्षा की तारीफ कर रही लड़की से बोले पीएम मोदी

Advertisement

प्रशांत भूषण ने जज को बदलने की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि अगर यही जज मामले की सुनवाई करते रहे तो निष्पक्ष सुनवाई पर सवाल उठ सकते हैं. इन आरोपों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट मांगी थी. इसके बाद मामले की सुनवाई कर रहे जज का ट्रांसफर कर दिया गया. 

गौरतलब है, आशीष मिश्रा फिलहाल जमानत पर बाहर है, लेकिन मिश्रा को अपने गृहनगर लखीमपुर खीरी जाने की अनुमति नहीं थी. सोमवार को इस मामले में कोर्ट ने आदेश दिया, 'याचिकाकर्ता को अपने परिवार और करीबी रिश्तेदारों के साथ आने वाली दिवाली मनाने के लिए लखीमपुर खीरी स्थित अपने गृहनगर जाने की अनुमति दी जाती है. यह अनुमति पहले लगाई गई शर्तों के अधीन होगी. उन्हें 16 अक्टूबर को वापस लौटना होगा."

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »