कर्नाटक के पूर्व मंत्री जनार्दन रेड्डी पर कसेगा शिकंजा? CBI कोर्ट ने 4 देशों से मांगा लेन-देन का ब्यौरा

कर्नाटक के पूर्व मंत्री गाली जनार्दन रेड्डी पर विभिन्न देशों में निवेश करने का आरोप है. निवेश का पता लगाने के लिए जांच एजेंसी को अनुरोध भेजा गया है. जिसमें विशेष सीबीआई अदालत ने चार अलग-अलग देशों के संबंधित अधिकारियों से ब्यौरा देने का आग्रह किया गया है.

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कर्नाटक के पूर्व मंत्री गली जनार्दन रेड्डी कर्नाटक के पूर्व मंत्री गली जनार्दन रेड्डी

सगाय राज

  • बेंगलुरु,
  • 09 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 4:45 PM IST

पूर्व मंत्री गाली जनार्दन रेड्डी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. कारण, सीबीआई की विशेष अदालत ने समन जारी किया. जिसमें चार अलग-अलग देशों से जनार्दन रेड्डी की संपत्ति का ब्यौरा मांगा गया है. दरअसल, पूर्व मंत्री गाली जनार्दन रेड्डी पर विभिन्न देशों में निवेश करने का आरोप है. निवेश का पता लगाने के लिए जांच एजेंसी को अनुरोध भेजा गया है. जिसमें विशेष सीबीआई अदालत ने चार अलग-अलग देशों के संबंधित अधिकारियों से ब्यौरा देने का आग्रह किया गया है.

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जानकारी के मुकाबिक विशेष अदालत की न्यायाधीश ई. चंद्रकला ने अपने आदेश में स्विट्जरलैंड, सिंगापुर और यूएई समेत चार देशों के न्यायिक अधिकारियों को पत्र के जरिए जानकारी मांगी गई है. सीबीआई द्वारा दायर मामले के अनुसार, सीआरपीसी की धारा 166 (ए) के तहत एक आवेदन दायर किया गया है. जांच एजेंसी को शक है कि रेड्डी द्वारा भारत में घोटाला कर पैसे को अलग-अलग देशों में निवेश किया गया है.

न्यायाधीश ने मामले की जांच में सहयोग करने का अनुरोध किया है. सीबीआई अधिकारियों ने जीएलए (गाली जनार्दन रेड्डी) ट्रेडिंग इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड की जानकारी एकत्र करने के लिए न्यायपालिका की मदद मांगी थी.

सीबीआई अधिकारियों ने बैंक खाते से संबंधित विवरण, मालिक का विवरण और आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति का विवरण मांगा है. जनार्दन रेड्डी ने 2009 से 2010 के बीच अवैध रूप से 7 से 8 मिलियन मीट्रिक टन लोहा बेचा था. जिसके जरिए उनके द्वारा विभिन्न देशों के साथ कारोबार किया गया है.

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2011 में गिरफ्तार हुए थे जनार्दन रेड्डी 

बता दें कि जनार्दन रेड्डी को 2011 में करोड़ों के अवैध खनन मामले में गिरफ्तार किया गया था. साल 2015 में उन्हें जमानत मिल गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करने सहित कई पाबंदिया लगा दी थी. उन्हें कर्नाटक के बेल्लारी, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर और कडप्पा में जाने पर भी रोक लगाई गई थी. हालांकि बाद में शीर्ष अदालत ने बेल्लारी जाने पर लगी रोक को हटा दिया था. 

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