केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में आयोजित इंडिया ब्लॉक की बैठक और कांग्रेस पार्टी के रुख पर तीखा हमला बोलते हुए कई सवाल खड़े किए हैं.
उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी शिकस्त झेलने के बाद उम्मीद थी कि कांग्रेस आत्ममंथन करेगी और जनता से माफी मांगेगी, लेकिन लगता है कि कांग्रेस ने अपने तौर-तरीके न बदलने का फैसला किया है. शिवराज ने कहा कि गठबंधन राहुल गांधी को अपना नेता तक स्वीकार नहीं करता और वो अपनी आसन्न हार के लिए पहले से ही बहाने ढूंढ रहे हैं.
'अखिलेश कहां हैं और DMK कहां?'
शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी एकता की असलियत पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इस बैठक में अखिलेश यादव कहां हैं और डीएमके कहां है. उन्होंने आगे कहा कि उद्धव ठाकरे भी बैठक में केवल वर्चुअली शामिल हुए हैं.
शिवराज के अनुसार, गठबंधन के अंदर कोई समन्वय नहीं है और उनके पास देश के विकास के लिए कोई विजन नहीं बचा है. वो केवल हार के अग्रिम बहाने गढ़ने में व्यस्त हैं.
'लोकतंत्र नहीं, ये तो परिवार बचाओ मार्च है'
विपक्ष द्वारा घोषित किए गए 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' (Save Democracy March) पर प्रहार करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये असल में लोकतंत्र बचाने की कोई मुहिम नहीं है, बल्कि ये विशुद्ध रूप से 'परिवार बचाओ मार्च' (Save Dynasty March) है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष हमेशा से ही संवैधानिक संस्थाओं पर सुनियोजित हमले करने के लिए जाना जाता है, जबकि बीजेपी एसआईआर (SIR) का बचाव करती है क्योंकि ये लोकतंत्र की आत्मा है.
दिल्ली में बयान देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब इंडिया ब्लॉक राहुल गांधी को अपना नेता ही नहीं मानता, तब कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में राहुल गांधी बार-बार कह रहे थे कि 'मुझ पर भरोसा रखो, मुझ पर विश्वास करो'. उन्होंने कहा कि इसका सीधा मतलब यही निकलता है कि खुद कांग्रेस पार्टी को भी अपने नेता राहुल गांधी पर कतई भरोसा नहीं रह गया है.
राहुल के पुराने बयान का जिक्र
शिवराज सिंह चौहान ने ध्यान दिलाया कि बंगाल चुनावों से पहले राहुल गांधी ने ऐलान किया था कि ममता बनर्जी की वजह से ही भारतीय जनता पार्टी चुनाव जीत रही है, न कि एसआईआर की वजह से. उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस दृष्टिकोण नहीं है और वह सिर्फ झूठे आख्यानों को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है.
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