दिल्ली में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन सिस्टम की नाकामियों को दिखाते हैं और इन्हें केवल भ्रष्टाचार के मुद्दे के रूप में नहीं देखा जा सकता. RSS ने शुक्रवार को कहा कि इन कमियों को दूर करने के लिए सरकार को कदम उठाने होंगे. संघ की तीन दिवसीय समन्वय समिति की बैठक के अंत में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए RSS नेता सी. आर. मुकुंदा ने कहा कि देशभर की व्यवस्थाओं में कमियां हैं, लेकिन बदलाव अव्यवस्था या विनाश के जरिए नहीं लाया जा सकता.
उन्होंने कहा कि बैठक में राष्ट्रीय राजधानी में हाल में हुए प्रदर्शनों को एक बड़ी समस्या के संकेत के रूप में देखा गया. उन्होंने कहा कि सरकार को NEET जैसे व्यक्तिगत मुद्दों से आगे बढ़कर व्यापक चिंताओं का जवाब देना होगा. विशाखापत्तनम में तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक में डेमोग्राफिक डिसबैलेंस, हाल के युवा विरोध प्रदर्शन, व्यवस्था की खामियों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. बैठक के समापन के बाद RSS के वरिष्ठ नेता सी. आर. मुकुंद ने कहा कि कुछ समुदायों की आबादी तेजी से बढ़ रही है, जबकि कुछ की घट रही है. उन्होंने कहा कि प्रजनन दर में कमी आ रही है और कुछ क्षेत्रों में डेमोग्राफिक डिसबैलेंस के कारण समाज में पहले से मौजूद सद्भाव भी कम हो रहा है.
बैठक में छोटे शहरों, गांवों और स्कूलों तक नशे के बढ़ते प्रसार पर भी चर्चा हुई, जिसका असर खासकर बच्चों और युवाओं पर पड़ रहा है. मुकुंद ने इस समस्या से निपटने के लिए सरकार और समाज के मिलकर काम करने की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि हाल में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान व्यवस्था की कुछ खामियों पर भी चर्चा की गई. RSS चाहता है कि व्यवस्था बेहतर तरीके से चले, जिसके लिए सरकार को कदम उठाने होंगे और समाज को भी जागरूक होना होगा.
बैठक में युवाओं की चिंताओं, उनके भविष्य के लिए जरूरी कदमों और देश के लिए उनके योगदान पर भी चर्चा हुई. मुकुंद ने कहा कि हर साल RSS के 21 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में 21 हजार युवा स्वयंसेवक शामिल होते हैं और इस साल भी इतनी ही संख्या में स्वयंसेवक शामिल हुए. उन्होंने कहा कि देशभर में RSS शाखाओं की दैनिक उपस्थिति में 60 प्रतिशत से अधिक युवा हैं.
जंतर- मंतर को लेकर बड़ा बयान
सी. आर. मुकुंद कहा कि शाखाओं में आने वाले या जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले युवा ही देश के पूरे युवा वर्ग का प्रतिनिधित्व नहीं करते. भारत में 15 से 19 और 16 से 29 वर्ष आयु वर्ग के 35 करोड़ से अधिक युवा हैं. उनके साथ लगातार संवाद और जुड़ाव की जरूरत है. मुकुंद ने कहा कि RSS और उससे जुड़े संगठन इस दिशा में काम कर रहे हैं और उन्हें विश्वास है कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में सुरक्षित है.
बैठक में RSS प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन दौरे पर भी चर्चा हुई. मुकुंद ने कहा कि यह RSS के शताब्दी वर्ष और वैश्विक संपर्क कार्यक्रम का हिस्सा है. इसका उद्देश्य भारत, हिंदुओं और RSS के खिलाफ चल रहे कथित दुष्प्रचार और गलत सूचनाओं का जवाब देना तथा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश देना है. तीन दिवसीय बैठक का समापन शुक्रवार को विशाखापत्तनम में हुआ.
aajtak.in