रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है. अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत के लिए अभ्यर्थी न्याय मंच ने अपने सात प्रतिनिधियों के नाम फाइनल कर दिए हैं. मंच की तरफ से कहा गया है कि यही सात सदस्य मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बातचीत में छात्रों और अभ्यर्थियों की मांगें रखेंगे. आंदोलन के बीच सरकार और छात्रों के बीच बातचीत को लेकर गतिरोध अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.
अभ्यर्थी न्याय मंच की तरफ से घोषित प्रतिनिधिमंडल में रामावतार महतो, दीनबंधु मंडल, चंदन कुमार, रवि शंकर, प्रेम कुमार, अमित कुमार और विमल कुमार शामिल हैं. प्रशासन की तरफ से एडीएम ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल के नाम मांगे थे. इसके बाद छात्रों ने सात नाम तय किए हैं.
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हेमंत सोरेन सरकार ने शर्त रखी थी कि बैठक में पत्रकार या वकील को शामिल करने की अनुमति नहीं होगी. छात्रों की मांग थी कि उनकी तरफ से तय सभी 11 लोगों को बैठक में शामिल किया जाए. यही मुद्दा फिलहाल बातचीत में अड़चन बना हुआ था, लेकिन अब छात्रों ने डेलिगेशन के नाम तय कर लिए हैं.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है और छात्रों की समस्याओं को समझना चाहती है. उन्होंने कहा कि सरकार ने बातचीत के लिए एक चैनल पहले ही तय किया है और कोशिश है कि छात्रों की बात जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम तक सीमित न रहे, बल्कि आगे बढ़कर ठोस सुधार किए जाएं. सरकार का कहना है कि छात्रों की जरूरतों और मांगों के मुताबिक भर्ती प्रक्रिया में मजबूत सुधार किए जाएंगे.
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फिलहाल प्रदर्शन स्थल पर अधिकारियों और छात्रों के बीच बातचीत चल रही है. एसडीएम के साथ भी चर्चा जारी है. प्रदर्शनकारी JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. आंदोलन 14वें दिन में पहुंच चुका है और कई छात्र भूख हड़ताल पर हैं.
इस बीच आंदोलन के दौरान एक छात्र की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जिससे भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की सेहत को लेकर भी चिंता बढ़ी है. अब सबकी नजर सरकार और छात्रों के बीच होने वाली अगली बातचीत पर है.
सत्यजीत कुमार