राजस्थान में एक IAS अधिकारी और उनके परिवार की प्रॉपर्टी डील को लेकर बड़ा मामला सामने आया है. आरोप है कि अधिकारी ने अपने पद का इस्तेमाल कर एक कंपनी को फायदा पहुंचाया और उसी कंपनी के दो रिसॉर्ट्स में परिवार के नाम पर 40 विला और कॉटेज खरीद लिए. हैरानी की बात यह है कि इन संपत्तियों को खरीदने के बाद वापस उसी कंपनी को लीज पर दे दिया गया. बताया जा रहा है कि इससे परिवार को हर साल करीब 1.8 करोड़ रुपये की कमाई होती थी. अब राजस्थान का भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) इस पूरे मामले की जांच कर रहा है.
इस मामले में IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनकी पत्नी, वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रशाखा माथुर चर्चा में हैं. शिखर अग्रवाल को पहले ही APO (पोस्टिंग आदेश की प्रतीक्षा) में रखा जा चुका है. अब शनिवार को राजस्थान सरकार ने उनकी पत्नी प्रशाखा माथुर को भी APO कर दिया है.
कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोपों की जांच
ACB ने 30 अक्टूबर को जारी बयान में बताया कि शुरुआती जांच में ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे प्रथम दृष्टया संकेत मिलता है कि शिखर अग्रवाल ने गोयल फैशन्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों के साथ मिलकर कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया. यह कंपनी 'अनंता' ब्रांड के तहत रिसॉर्ट्स संचालित करती है.
आरोप है कि अग्रवाल के अलग-अलग सरकारी पदों पर रहते हुए कंपनी को रिसॉर्ट निर्माण की शर्तों में छूट दी गई. जरूरी प्रमाणपत्रों की उचित जांच के बिना मंजूरियां मिलीं और अनुकूल शर्तों पर विशेष वित्तीय पैकेज भी दिए गए. ACB का दावा है कि इन फैसलों से राज्य सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ. राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A के तहत विस्तृत जांच की मंजूरी दे दी है.
ढाई साल में खरीदे 40 विला और कॉटेज
ACB की जांच के मुताबिक, अग्रवाल और उनके परिवार ने सितंबर 2023 से मार्च 2026 के बीच उदयपुर के बुझदा और अलवर के अजबगढ़ स्थित दो अनंता रिसॉर्ट्स में 40 संपत्तियां खरीदीं. इनकी कुल कीमत करीब 6.16 करोड़ रुपये बताई गई है.
उदयपुर रिसॉर्ट में सितंबर 2023 में 20 कॉटेज खरीदे गए, जबकि मार्च 2026 में अलवर रिसॉर्ट में 20 विला की खरीद हुई. इनमें अग्रवाल और उनकी पत्नी के अलावा उनके दोनों बेटों और प्रशाखा माथुर के माता-पिता के नाम पर भी संपत्तियां दर्ज कराई गईं.
ACB के मुताबिक, उदयपुर में 10-10 विला अग्रवाल और उनकी पत्नी के नाम पर खरीदे गए. वहीं अलवर में भी परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्तियां दर्ज हुईं. एजेंसी को संदेह है कि कुछ विला बाजार कीमत से काफी कम दाम पर खरीदे गए.
अब आय से अधिक संपत्ति की भी जांच
ACB यह भी पता लगा रही है कि क्या शिखर अग्रवाल ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की है. जांच में IAS अधिकारी, कंपनी के निदेशकों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका खंगाली जाएगी. फिलहाल ये सभी आरोप जांच के दायरे में हैं और एजेंसी की विस्तृत जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी.
शरत कुमार