प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विदेशी मदद’ से सत्ता में आने के राहुल गांधी के आरोप पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को तीखा जवाब दिया. उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की टिप्पणी की तुलना ‘इस्लामिक कट्टरपंथियों के धर्मनिरपेक्षता पर बात करने’ से की. उन्होंने कहा, "यह वैसा ही है जैसे इस्लामी कट्टरपंथी सेक्युलरिज़्म की बात करते हैं, अलगाववादी भारतीय झंडे पकड़े रहते हैं और अराजकतावादी संविधान की किताब दिखाते हैं."
किरेन रिजिजू ने इस मुद्दे पर खुली बहस की राहुल गांधी की चुनौती को खारिज करते हुए कहा कि उच्च स्तर की बहस समझदार लोगों के बीच होती है. उन्होंने कांग्रेस नेता पर ‘भारत के दुश्मनों के एजेंडे को आगे बढ़ाने’ का आरोप भी लगाया. पिछले हफ्ते कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाया था कि कुछ ताकतें देश को बांटने की साजिश में लगातार लगी हैं.
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राहुल गांधी की विदेश यात्राओं की ओर इशारा करते हुए उन्होंने सवाल किया था, ‘विदेश में कौन किससे चोरी-छिपे मिल रहा है. भारत विरोधी ताकतें किसका समर्थन कर रही हैं’.
विदेशी ताकतों के समर्थन से पद पर बने पीएम- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने इसके जवाब में आरोप लगाया कि मोदी विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने और विदेशी ताकतों के समर्थन से पद पर बने हुए हैं. राहुल गांधी ने लिखा, ‘आपकी वित्तीय व्यवस्था पूरी तरह विदेशियों के नियंत्रण और समर्थन में है. विदेशी सोशल मीडिया पूरी तरह आपका समर्थन करता है. मैं आपको इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती देता हूं. कोई भी मंच और कोई भी समय. हिम्मत है तो आइए’.
किरेन रिजिजू ने मंगलवार को राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि दूसरों पर विदेशी समर्थन लेने का आरोप लगाना खुद अपना मजाक उड़ाने जैसा है. उन्होंने कहा, ‘यह वैसा ही है जैसे इस्लामिक कट्टरपंथी धर्मनिरपेक्षता की बात करें, अलगाववादी भारतीय झंडा थामें और अराजकतावादी संविधान की किताब दिखाएं’.
पीएम मोदी ने गुजरात से राहुल गांधी पर बोला था हमला
शनिवार को गुजरात दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाया था कि रुकावट पैदा करने वाली ताकतें देश को बांटने की कोशिश कर रही हैं और सोशल मीडिया का इस्तेमाल अफवाहें फैलाने के लिए किया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘जब देश बाहरी चुनौतियों का समाधान तलाश रहा था, तब देश के भीतर कुछ ताकतें झूठ और अफवाहें फैलाकर अस्थिरता पैदा कर रही थीं. लेकिन देशवासी राष्ट्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे’.
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विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वह ‘विरोध पक्ष’ के बजाय ‘अवरोध पक्ष’ बन गया है. उन्होंने कहा, ‘यह हमारा दुर्भाग्य है कि इस समय देश में विपक्ष, विरोध पक्ष के बजाय अवरोध पक्ष बन गया है. अपनी हताशा में ये लोग देश के विकास के रास्ते में बाधा बनकर खड़े हैं. यह विरोध नहीं, अवरोध है’.
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, ‘एक दशक से अधिक समय की हताशा के कारण ये लोग अब खुलकर सामने आ गए हैं. विदेश में कौन किससे चोरी-छिपे मिल रहा है. भारत विरोधी ताकतें किसका समर्थन कर रही हैं. भारत के दुश्मनों की भाषा कौन बोल रहा है. हमें इन सभी तौर-तरीकों को पहचानना होगा’.
इसके बाद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर ही विदेशी समर्थन के सहारे सत्ता में बने रहने का आरोप लगाया. अब रिजिजू ने राहुल गांधी पर भारत विरोधी एजेंडा आगे बढ़ाने का आरोप लगाते हुए इस जुबानी जंग को और तेज कर दिया है.
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