कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम को एक बार फिर खुली बहस की चुनौती दी है. राहुल गांधी ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि 24 घंटे हो गए हैं और उन्होंने पीएम को चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि पीएम कहते हैं कि विपक्ष देशद्रोही है, तो किसी भी स्टेज पर जगह चुनकर उनके साथ डिबेट की जाए.
राहुल गांधी ने कहा कि बहस में यह सवाल उठे कि देशद्रोही कौन है, विदेशी फोर्सेस का कनेक्शन किसका है और किस तरह का कनेक्शन है. उन्होंने कहा कि दोनों मिलेंगे, मीडिया होगी, देश के युवा होंगे और टेबल होगी. एक तरफ पीएम बैठेंगे और दूसरी तरफ वह बैठेंगे. उन्होंने कहा कि जिसे जज बनाना है, बना दें. मोहन भागवत को भी जज बनाया जा सकता है और फिर डिबेट की जाए.
राहुल गांधी ने कहा कि बहस में फाइनेंशियल सिस्टम और फाइनेंशियल स्ट्रक्चर पर सवाल उठेंगे. उन्होंने US डील कैसे हुई, क्यों हुई, इतनी जल्दी क्यों हुई, सिर्फ पीएम ने क्यों की और कैबिनेट को क्यों नहीं बताया गया, जैसे सवाल उठाए. उन्होंने अडानी का केस बंद होने और एपस्टीन का भी जिक्र किया.
खुलकर चर्चा होगी
राहुल गांधी ने कहा कि ऐसी बहुत सारी चीजें हैं, जिन पर खुलकर चर्चा होगी. उन्होंने पीएम से कहा, 'आ जाइए, डरिए मत. दूध का दूध, पानी का पानी कीजिए.' उन्होंने कहा कि पीएम उनके ऊपर आरोप लगाते हैं तो बहस में आने पर सब साफ हो जाएगा.
राहुल गांधी ने कहा कि बाकी चीजों पर उनके खिलाफ डिफेमेशन के केस लगाए गए हैं और शायद उनके ऊपर 45 डिफेमेशन केस हैं. उन्होंने कहा कि विदेशी कनेक्शन के मुद्दे पर डिफेमेशन केस नहीं लगाया जा रहा है. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि इस मुद्दे पर भी केस लगाया जाए और वहां खुलकर चर्चा की जाए.
2 नवंबर को भी पीएम पर लगाए थे आरोप
राहुल गांधी ने 2 नवंबर को भी एक्स पर पोस्ट कर पीएम पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था, 'मोदी जी, इस देश से झूठ बोलना बंद कीजिए.' राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि पीएम विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने और विदेशी मदद से ही प्रधानमंत्री बने हुए हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री की आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह विदेशियों के नियंत्रण में और समर्थन से है. उन्होंने कहा था कि विदेशी सोशल मीडिया पूरी तरह पीएम के साथ खड़ा है.
राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर भी खुली बहस की चुनौती देते हुए कहा था कि कोई भी मंच और किसी भी समय बहस की जा सकती है. उन्होंने कहा था कि पीएम बहस के लिए नहीं आएंगे, क्योंकि जो वह पीएम के बारे में जानते हैं, उससे पीएम डरते हैं.
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