कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी से एक छात्रा के सवाल पर जवाब मांगा है. दरअसल, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पीएम मोदी से सवाल किया है. उन्होंने पूछा कि उस बच्ची के सवाल का कोई जवाब है या नहीं.
राहुल गांधी 19 सितंबर को मध्य प्रदेश के इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने छात्रों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं. कार्यक्रम में एक छात्रा ने हॉस्टल और रहने के खर्च से जुड़ी अपनी परेशानी राहुल गांधी को बताई थी.
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बातचीक की जानकारी दी. राहुल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि छात्रा ने उनसे कहा, 'सरकार के पास दिया जलाने के लिए पैसा है, हमारे हॉस्टल के लिए क्यों नहीं?
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में छात्रा की परेशानी का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि वह बच्ची गांव से पढ़ने के लिए शहर आई है. शहर में हॉस्टल की सुविधा नहीं होने के कारण उसे पीजी में रहना पड़ता है.
राहुल गांधी ने आगे कहा कि सुरक्षित जगह पर रहने के लिए छात्रों को काफी पैसा खर्च करना पड़ता है. हर महीने किराए की चिंता बनी रहती है. साथ ही बेघर होने का डर भी रहता है. उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में छात्रों को पढ़ाई करनी पड़ती है.
'कई लड़कियां पढ़ाई छोड़ देती हैं'
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में दावा किया कि रहने की जगह नहीं मिलने की वजह से कई लड़कियां पढ़ाई छोड़ देती हैं. उन्होंने आवास भत्ते का भी मुद्दा उठाया.
राहुल गांधी ने कहा कि महंगाई बढ़ने के साथ आवास भत्ता उसी हिसाब से नहीं बढ़ता. उन्होंने इसमें भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया. इसके बाद राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए सवाल किया, 'उस बच्ची के सवाल का कोई जवाब है आपके पास?'
दरअसल, राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम छात्रों से संवाद पर केंद्रित था. इसमें छात्रों ने शिक्षा, रोजगार और दूसरी समस्याओं से जुड़े मुद्दे उठाए. कार्यक्रम में राहुल गांधी ने भी छात्रों की बात सुनी और अपनी बात रखी.
इस कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस की ओर से छात्रों के मुद्दों को उठाने की बात कही गई थी. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए. इससे पहले कार्यक्रम की जगह और इजाजत को लेकर भी विवाद हुआ था.
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रेखा गुप्ता ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
राहुल गांधी के पोस्ट के बाद बीजेपी की ओर से भी प्रतिक्रिया आई. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राहुल गांधी के इस कार्यक्रम पर निशाना साधा.
रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया कि मां के अपमान पर हंसकर राहुल गांधी ने अपने राजनीतिक संस्कार पूरे देश के सामने रख दिए. उन्होंने राहुल गांधी को लेकर कहा कि कांग्रेस का "राजकुमार" मानसिक दिवालियापन का शिकार हो चुका है.
रेखा गुप्ता ने अपने पोस्ट में आगे कहा कि राजनीति में विरोध और वैचारिक मतभेद हो सकते हैं. नेताओं के बीच तीखे प्रहार भी हो सकते हैं. लेकिन किसी की दिवंगत मां पर अमर्यादित टिप्पणी और उस पर उपहास की राजनीति को भारतीय समाज स्वीकार नहीं कर सकता.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी उनसे राजनीतिक विरोध करें, सवाल पूछें और आलोचना करें. लेकिन उनकी स्वर्गीय माताजी को राजनीति में घसीटना और अपमानजनक टिप्पणी पर हंसना किस राजनीतिक संस्कृति का परिचय है, यह राहुल गांधी को सोचना चाहिए.
रेखा गुप्ता ने कहा कि मां किसी दल या विचारधारा की नहीं होती. मां का सम्मान संस्कारों का विषय है. उन्होंने कहा कि देश की मातृशक्ति ने भी यह दृश्य देखा है और राहुल गांधी का आचरण भी. रेखा गुप्ता ने इसे "शर्मनाक और निंदनीय" बताया.
दरअसल, छात्रों की गूंज इंदौर कार्यक्रम के दौरान एक स्टैंडअप कॉमेडियन पुलकित मनी ने पीएम मोदी की मिमिक्ररी की. इस दौरान उसने पीएम की मां पर भी पंच मारा, जिसपर राहुल हंस पड़े. बीजेपी के कई नेता अब इसी मुद्दे पर राहुल गांधी को घेर रहे हैं.
मनजिंदर सिंह सिरसा ने राहुल पर किया पलटवार
वहीं बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, 'शायद इटली के संस्कारों में मां हंसी का पात्र होती होगी, लेकिन भारत में मां भगवान का रूप होती है राहुल जी.'
सिरसा ने आगे कहा कि एक सार्वजनिक मंच से दुनिया भर की मां का उपहास उड़ाना और उस पर हंसना राहुल गांधी के संस्कार दिखाता है. उन्होंने सोनिया गांधी का भी जिक्र किया. सिरसा ने कहा कि इससे पता चलता है कि सोनिया गांधी ने अपने बेटे को कैसे संस्कार दिए हैं.
बीजेपी नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरफ पीएम मोदी दुनिया भर में भारतीय संस्कृति और मातृशक्ति का सम्मान बढ़ा रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी युवाओं के मंच से मां के अपमान को बढ़ावा देकर अपनी सोच दिखा रहे हैं.
सिरसा ने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी देश की नई पीढ़ी को यही सिखाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि विरोध नीतियों का होना चाहिए, संस्कारों का पतन नहीं दिखना चाहिए. सिरसा ने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन संवेदना और मर्यादा से रहित विपक्ष देश के लिए शर्मनाक है.
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