राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रविवार को अपनी तीन देशों की यूरोपीय यात्रा पूरी करने के बाद दिल्ली लौट आईं. उनकी यह यात्रा भारत के साथ इन देशों के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से हुई. राष्ट्रपति ने अपनी यात्रा की शुरुआत 20 जुलाई को मोल्दोवा से की. यह किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की मोल्दोवा की पहली यात्रा थी. इस दौरान दोनों देशों ने कृषि, लॉजिस्टिक्स, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य एवं फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा और नवाचार समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई.
इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू 21 और 22 जुलाई को उत्तरी मैसेडोनिया के दौरे पर रहीं. वह इस दक्षिण-पूर्वी यूरोपीय देश की यात्रा करने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति हैं. यात्रा के दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने पर सहमति जताई. साथ ही पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और फिल्म निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर भी चर्चा हुई.
राष्ट्रपति मुर्मू ने उत्तरी मैसेडोनिया की संसद को संबोधित किया और भारत-उत्तरी मैसेडोनिया बिजनेस फोरम के उद्घाटन सत्र में भी हिस्सा लिया. उन्होंने राजधानी स्कोप्जे के एक संग्रहालय में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया और मदर टेरेसा के स्मारक का भी दौरा किया.
मदर टेरेसा का जन्म 26 अगस्त 1910 को स्कोप्जे में हुआ था. वह 1928 तक स्कोप्जे में रहीं. इसके बाद वह आयरलैंड में सिस्टर्स ऑफ लोरेटो से जुड़ने के लिए चली गईं और बाद में भारत आईं.
तीन दशक बाद रोमानिया में भारतीय राष्ट्रपति
यात्रा के अंतिम चरण में राष्ट्रपति मुर्मू 23 जुलाई को रोमानिया पहुंचीं. तीन दशक से ज्यादा समय में यह किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की रोमानिया की पहली यात्रा थी. इस दौरान भारत और रोमानिया ने अगले तीन वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने पर सहमति जताई. दोनों देशों ने रक्षा समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर भी चर्चा की.
राष्ट्रपति ने शुक्रवार को रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट में भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम को संबोधित किया. उन्होंने रोमानिया के प्रधानमंत्री इलिए बोलोजान के साथ द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की.
दोनों देशों के बीच कुशल पेशेवरों की आवाजाही के लिए मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट (MPA) को अंतिम रूप देने पर भी बातचीत हुई. रोमानिया में करीब 13,500 भारतीय रहते हैं, जिनमें लगभग 10,000 कामगार हैं.
बुखारेस्ट यूनिवर्सिटी ने मानद डॉक्टरेट से किया सम्मानित
रोमानिया यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू को बुखारेस्ट यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक स्टडीज की ओर से मानद डॉक्टरेट की उपाधि भी प्रदान की गई. 'डॉक्टर होनोरिस कॉज़ा' विश्वविद्यालय का सर्वोच्च अकादमिक सम्मान है. यह सम्मान शिक्षा, सार्वजनिक सेवा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में असाधारण योगदान देने वाली प्रतिष्ठित हस्तियों को दिया जाता है.
भारत रवाना होने से पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने शनिवार को रोमानिया में भारतीय समुदाय और 'फ्रेंड्स ऑफ इंडिया' से भी मुलाकात की. राष्ट्रपति के इस दौरे में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया, राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा और लोकसभा सांसद विजय बघेल समेत अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल रहे.
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