प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की याचिका पर सोमवार को सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट 5 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई करेगा. इस बीच पवन खेड़ा ने अपने खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की मांग की है. उन्होंने आपराधिक कार्रवाई खत्म करने की भी मांग की है.
इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट पहले ही उनकी याचिका खारिज कर चुका है. अब खेड़ा ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए. उन्होंने सुनवाई टालने की मांग की है.
फरवरी 2023 में की थी विवाद टिप्पणी
दरअसल, यह मामला फरवरी 2023 का है. पवन खेड़ा ने तब एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी के नाम पर टिप्पणी की थी. खेड़ा ने प्रधानमंत्री को 'नरेंद्र गौतम दास मोदी' कहा था. उन्होंने उनके पिता के नाम को लेकर भी तंज कसा था. खेड़ा ने कहा था कि नाम 'दामोदरदास' है, लेकिन काम 'गौतम दास' जैसा है.
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इस टिप्पणी के बाद विवाद शुरू हो गया. खेड़ा के खिलाफ कई FIR दर्ज हुईं. उत्तर प्रदेश में लखनऊ और वाराणसी में केस दर्ज हुए. असम में भी FIR हुई.
मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने मामले में दखल दिया था. कोर्ट ने सभी FIR को एक साथ जोड़ दिया था. इन्हें लखनऊ के हजरतगंज थाने में ट्रांसफर किया गया था. इसके बाद पवन खेड़ा ने FIR रद्द कराने की मांग की. उन्होंने आपराधिक कार्रवाई खत्म करने की भी मांग की.
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हाईकोर्ट ने याचिका कर दी थी खारिज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खेड़ा की याचिका खारिज कर दी थी. कोर्ट ने FIR रद्द करने से इनकार कर दिया था. आपराधिक कार्रवाई खत्म करने से भी इनकार किया था. इसके बाद खेड़ा सुप्रीम कोर्ट पहुंचे. सुप्रीम कोर्ट ने 4 जनवरी 2024 को उनकी एक याचिका खारिज की थी. इसमें FIR और आपराधिक कार्यवाही रद्द करने की मांग की गई थी. अब इस मामले में सोमवार को फिर सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद आगे की स्थिति साफ होगी.
संजय शर्मा