Beat Report: अमित शाह के बयान की मांग पर अड़ा विपक्ष, हंगामे की भेंट चढ़ी संसद की कार्यवाही

लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक को लेकर सोमवार को संसद में जोरदार गतिरोध देखने को मिला. विपक्ष ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और कथित लाठीचार्ज के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग करते हुए सदन में हंगामा किया, जबकि सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए संशोधित विधेयक पेश किया. दिनभर नारेबाजी और विरोध के कारण लोकसभा व राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी और विधेयक पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी.

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छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण पब्लिक एग्जामिनेशन बिल पर संसद में बहस रुकी. (Photo: PTI) छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण पब्लिक एग्जामिनेशन बिल पर संसद में बहस रुकी. (Photo: PTI)

पीयूष मिश्रा

  • नई दिल्ली ,
  • 27 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:13 PM IST

लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक को लेकर सोमवार को संसद में जमकर राजनीतिक टकराव देखने को मिला. सरकार जहां पेपर लीक के खिलाफ संशोधित विधेयक को सदन में पेश करने की तैयारी में थी, वहीं विपक्ष छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज के मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ संसद पहुंचा. दिनभर चले हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और अंततः कोई ठोस चर्चा नहीं हो सकी.

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संसद की गतिविधियां सुबह करीब 10 बजे से शुरू हो गई थीं. इसी दौरान संसद भवन परिसर में विपक्षी दलों की बैठक हुई. बैठक में फैसला लिया गया कि 'संसद चलो' प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और कथित लाठीचार्ज के विरोध में गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा. करीब 10:40 बजे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्ष के कई प्रमुख नेता पुराने संसद भवन (संविधान सदन) के पास एकत्र हुए. इसी दौरान विपक्षी सांसदों को जानकारी मिली कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पुराने संसद भवन के सामने स्थित मकर द्वार से संसद में प्रवेश करेंगे. यह भी सूचना मिली कि भाजपा के कई सांसद वहां उनका स्वागत करने पहुंचेंगे.

धर्मेंद्र प्रधान के पहुंचते ही शुरू हुआ विरोध

यह जानकारी मिलते ही विपक्षी सांसद मकर द्वार के पास रुक गए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के आने का इंतजार करने लगे. जैसे ही धर्मेंद्र प्रधान वहां पहुंचे, प्रियंका गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने मार्च शुरू कर दिया और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए मकर द्वार की ओर बढ़ गए. दूसरी ओर, भाजपा सांसदों ने धर्मेंद्र प्रधान का स्वागत किया. स्वागत करने वालों में तरुण चुग, सतीश गौतम समेत कई अन्य सांसद शामिल थे. स्वागत के बाद भाजपा सांसद संसद भवन के भीतर चले गए, जबकि बाहर विपक्ष का प्रदर्शन जारी रहा. प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के अलावा शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मुद्दे को भी उठाया.

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सदन के भीतर भी जारी रहा हंगामा

लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की. विपक्षी सांसदों की लगातार नारेबाजी के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की, लेकिन विपक्ष अपने रुख पर कायम रहा. लगातार हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई. लोकसभा को पहले दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित किया गया.

हंगामे के बीच पेश हुआ संशोधित विधेयक

दोपहर में कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक सदन के पटल पर रखा. सरकार विधेयक पेश कर रही थी, जबकि विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी कर रहे थे. कई सांसदों के हाथों में विरोध दर्ज कराने वाली तख्तियां भी थीं. शोर-शराबे के बीच कार्यवाही फिर नहीं चल सकी और लोकसभा को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा.

सदन में गतिरोध जारी रहने के बीच सरकार ने वरिष्ठ मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई. बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, किरेन रिजिजू समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की गई. बैठक समाप्त होने के बाद गृह मंत्री अमित शाह संसद की कैंटीन पहुंचे, जहां उन्होंने किरेन रिजिजू, पीयूष गोयल, अनुराग ठाकुर, अनिल बलूनी और अन्य भाजपा सांसदों के साथ दोपहर का भोजन किया.

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स्पीकर ने दोनों पक्षों से की बातचीत की अपील

करीब दोपहर 2 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो विपक्ष ने एक बार फिर हंगामा शुरू कर दिया. इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सरकार एक महत्वपूर्ण विधेयक लेकर आई है, जिसका सीधा लाभ देश के छात्रों को मिलेगा. उन्होंने कहा कि यदि सरकार और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बन पा रही है तो दोनों पक्षों को बैठकर समाधान निकालना चाहिए. स्पीकर ने यह भी कहा कि इस विधेयक पर छह घंटे से अधिक समय तक चर्चा कराई जा सकती है और जरूरत पड़ने पर चर्चा का समय और बढ़ाया जा सकता है. हालांकि, विपक्ष ने नारेबाजी जारी रखी. 

लगातार जारी गतिरोध को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने सरकार और विपक्ष को बातचीत के लिए समय देने की बात कही और सदन की कार्यवाही शाम 5 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. शाम 5 बजे जब लोकसभा की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो भी गतिरोध खत्म नहीं हुआ. विपक्ष अपने रुख पर कायम रहा और सदन में फिर हंगामा शुरू हो गया. इसके बाद कार्यवाही एक बार फिर स्थगित करनी पड़ी.

शाम पांच बजे से पहले संसद परिसर में हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में तेज बारिश में बदल गई. कार्यवाही समाप्त होने के बाद जब सांसद संसद परिसर से बाहर निकले तो वे बारिश के बीच अपनी-अपनी गाड़ियों का इंतजार करते नजर आए. संसद परिसर में हुई यह तेज बारिश मानो दिनभर चले राजनीतिक गतिरोध और संसद के बार-बार 'वॉशआउट' होने की तस्वीर को भी प्रतीकात्मक रूप से बयां कर रही थी.

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