CJP का आंदोलन, विपक्ष का दांव और प्रधान का सरेंडर... Gen-Z आंदोलन के 7 निर्णायक चैप्टर

NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद शुरू हुए देशव्यापी आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया. इस दौरान CJP के नेतृत्व में प्रदर्शन, सोनम वांगचुक का अनशन और सरकार के साथ कई दौर की बातचीत हुई, जिसके बाद यह बड़ा फैसला लिया गया.

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जश्न धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जश्न

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 6:47 PM IST

नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर हो रहे प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार (25 जुलाई) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इसके साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी की दो अन्य प्रमुख मांगों, एफआईआर दर्ज करने और प्रभावित छात्रों को मुआवजा देने, को भी सरकार ने मंजूरी दे दी है. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह, कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के बीच तीन दौर की बातचीत हुई. शुरुआत में माना जा रहा था कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे. इसी बीच सरकार ने NTA के खिलाफ भी कार्रवाई की. आइए जानते हैं कि इस पूरे विवाद की शुरुआत कैसे हुई और यह मामला यहां तक कैसे पहुंचा.

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3 मई: पेपर लीक के आरोप, 12 मई को परीक्षा रद्द

3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा के बाद पेपर लीक के आरोप सामने आए. इसके बाद छात्रों और अभिभावकों ने कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की. इस दौरान देशभर में कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली. 12 मई 2026 को NTA ने पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दी. केंद्र सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंप दी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोबारा परीक्षा कराने का ऐलान किया. इस परीक्षा में करीब 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे.

15 मई: CJI की टिप्पणी से शुरू हुआ नया विवाद

15 मई 2026 को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा था कि कुछ 'परजीवी और कॉकरोच' सिस्टम पर हमला कर रहे हैं. इस टिप्पणी के बाद विवाद शुरू हो गया. अगले ही दिन, 16 मई को अभिजीत दिपके ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को एक ऑनलाइन आंदोलन के रूप में शुरू करने का ऐलान किया. उन्होंने एक्स पर एक गूगल फॉर्म साझा कर लोगों को पार्टी से जुड़ने का न्योता दिया. इसके बाद पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गया.

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6 जून: भारत लौटे अभिजीत दीपके

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके 6 जून को अमेरिका से भारत लौटे. दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू किया और पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई. इसके बाद राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में आयोजित प्रदर्शनों में भी उन्होंने हिस्सा लिया.

28 जून: सोनम वांगचुक का अनशन

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून 2026 को आंदोलन में शामिल हुए और जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की. उनके आंदोलन से कॉकरोच जनता पार्टी को बड़ा जनसमर्थन मिला. हालांकि 27वें दिन उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया. अनशन खत्म करने को लेकर उन पर सवाल भी उठे, जिनका जवाब बाद में उनकी पत्नी और खुद सोनम वांगचुक ने दिया.

20 जुलाई: संसद मार्च में झड़प

20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी ने संसद मार्च का आह्वान किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई. हिंसा में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा और पुलिस पर पथराव भी हुआ. 

25 जुलाई: धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

लगातार बढ़ते विरोध और NEET-UG विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य किसी भी विवाद से बड़ा है. उन्होंने परीक्षा सिस्टम में सुधार, पारदर्शिता बढ़ाने और छात्रों के हितों को प्राथमिकता देने की बात भी कही.

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