एनडीए की बैठक में शामिल होगी NCPI, टीएमसी के 20 बागी सांसदों का है गुट

तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग हुए 20 बागी सांसदों वाली नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) को मंगलवार को होने वाली एनडीए की बैठक में शामिल होने का न्योता मिला है. बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से एनसीपीआई में अपने विलय को मान्यता देने की मांग की है.

Advertisement
एनसीपीआई को एनडीए की बैठक का न्योता मिला, जिसमें टीएमसी के 20 बागी सांसद शामिल हुए हैं. (Photo: PTI) एनसीपीआई को एनडीए की बैठक का न्योता मिला, जिसमें टीएमसी के 20 बागी सांसद शामिल हुए हैं. (Photo: PTI)

पीयूष मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 27 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:22 PM IST

तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग हुए 20 बागी सांसदों वाली नेशनल सिटीजन पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) को कल होने वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है. इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष एनसीपीआई में शामिल होने को लेकर याचिका दायर कर रखी है. उनकी इस याचिका पर जल्द फैसला होने की उम्मीद है.

Advertisement

इस साल अप्रैल में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद पार्टी में बड़ी टूट सामने आई थी. पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसदों ने ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी और  गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) का दामन थाम लिया. यह पार्टी पश्चिम बंगाल के हावड़ा में रजिस्टर है.

टीएमसी के बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को याचिका देकर एनसीपीआई में अपने विलय को मान्यता देने की मांग की है. एक बागी सांसद ने कहा, 'एनसीपीआई में हमारे विलय संबंधी याचिका स्पीकर के पास लंबित है और हमें उम्मीद है कि जल्द इस पर फैसला होगा.' संसद के मॉनसून सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में भी इस राजनीतिक बदलाव की झलक देखने को मिली. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: कौन होगा ममता बनर्जी का उत्तराधिकारी? तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ने खुद किया खुलासा

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के निमंत्रण पर बागी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार बैठक में शामिल हुए. उनके शामिल होने का विपक्षी दलों ने विरोध किया और प्रतीकात्मक वॉकआउट किया, हालांकि कुछ देर बाद वे फिर बैठक में लौट आए. यदि लोकसभा अध्यक्ष एनसीपीआई में विलय को मान्यता दे देते हैं तो यह तृणमूल कांग्रेस में सबसे बड़ी टूट होगी. ऐसी स्थिति में ये सांसद एनसीपीआई के प्रतिनिधि के तौर पर एनडीए की बैठकों में शामिल होंगे. 

वहीं, अगर विलय को मंजूरी नहीं मिलती है तो उन्हें टीएमसी के बागी सांसदों के रूप में बैठकों में हिस्सा लेना पड़ेगा. इन बागी सांसदों को स्पीकर से एनसीपीआई में विलय को मंजूरी मिलने पर तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी राजनीतिक संकट को और गहरा सकती है. साथ ही संसद के मौजूदा सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक समीकरणों पर भी इसका असर पड़ेगा. बता दें कि तृणमूल कांग्रेस के 80 में 64 विधायक भी बगावत करके ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में एक अलग गुट बना लिया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »