16 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में कट सकते हैं एक करोड़ वोटर्स के नाम, EC ने जारी किए नोटिस

चुनाव आयोग ने देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू किया है. इस प्रक्रिया में फर्जी, डुप्लीकेट, मृतक और विदेशियों के नाम हटाए जाएंगे. कर्नाटक में 1.10 करोड़ वोटर्स को नोटिस भेजा गया है, जबकि आंध्र प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में भी व्यापक जांच चल रही है. विभिन्न राज्यों के लिए अलग-अलग शेड्यूल निर्धारित किए गए हैं. अगर किसी वैध मतदाता का नाम गलती से कट जाता है तो वह ऑनलाइन या BLO से संपर्क कर दावा कर सकता है.

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16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 1.12 करोड़ वोटर्स के नाम हट सकते हैं. (फाइल फोटो-ITG) 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 1.12 करोड़ वोटर्स के नाम हट सकते हैं. (फाइल फोटो-ITG)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 05 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:42 PM IST

देश में वोटर लिस्ट को सही और साफ-सुथरा बनाने का काम तेजी से चल रहा है. निर्वाचन आयोग EC ने देश के 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण SIR शुरू किया है. इस अभियान के दौरान वोटर लिस्ट से एक करोड़ बारह लाख से ज्यादा नाम कटने के आसार हैं. आयोग का मकसद फर्जी और गलत नामों को हटाकर लिस्ट को पूरी तरह सही करना है.

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दरअसल, चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट रोल और ASDDOF सूची जारी की है. इसमें उन लोगों के नाम हैं जो अनुपस्थित हैं, दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, डुप्लीकेट हैं, जिनकी मौत हो चुकी है या फिर जो विदेशी हैं. ये वे लोग हैं जो अब देश के वैध वोटर नहीं रहे हैं. कई लोगों के नाम एक से ज्यादा जगहों की वोटर लिस्ट में दर्ज हैं. ऐसे सभी नामों को लिस्ट से बाहर किया जा रहा है.

देशभर में चुनाव आयोग की ओर से चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान अलग-अलग राज्यों में स्थिति काफी अलग देखने को मिल रही है. राज्यों की भौगोलिक बनावट, स्थानीय परिस्थितियों और डेटा के आधार पर आयोग ने हर जगह के लिए अलग नियम और समय-सीमा तय की है. 

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1.10 करोड़ वोटर्स को कर्नाटक में भेजा गया नोटिस

कर्नाटक में सबसे बड़ा असर देखने को मिल रहा है. यहां करीब 19.95 प्रतिशत यानी लगभग 1.10 करोड़ वोटर्स को नोटिस भेजा गया है. यानी राज्य के कुल मतदाताओं का पांचवां हिस्सा सीधे तौर पर जांच के दायरे में आ गया है.

वहीं आंध्र प्रदेश में ड्राफ्ट रोल के आंकड़ों के मुताबिक, 10.78 प्रतिशत यानी करीब 45 लाख वोटर दावों और आपत्तियों के दायरे में हैं. यह इस प्रक्रिया के तहत आने वाली सबसे बड़ी संख्याओं में से एक है।

हरियाणा में 16.3 प्रतिशत यानी लगभग 38.8 लाख वोटर इस समय वेरिफिकेशन प्रक्रिया से गुजर रहे हैं. जांच के दौरान यहां बड़ी संख्या में फर्जी और दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके वोटर्स सामने आए हैं. वहीं पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में इस पूरी प्रक्रिया के दौरान 8 लाख से ज्यादा नाम वोटर लिस्ट से हटने का अनुमान लगाया जा रहा है. यहां आखिरी वोटर लिस्ट 15 सितंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी.

मणिपुर में पिछले कुछ समय में हुई जातीय हिंसा और बड़े पैमाने पर हुए विस्थापन के कारण करीब 20 प्रतिशत यानी लगभग 1.50 लाख लोगों के पते बदल गए हैं. इसके अलावा, दादरा-नगर हवेली और दमन-दीव में कुल आबादी का 29 प्रतिशत हिस्सा सत्यापन की प्रक्रिया के अधीन है, क्योंकि विस्थापन के चलते ये लोग अपने स्थायी पते पर अनुपस्थित पाए गए हैं.

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इसी तरह अन्य राज्यों में भी स्थानीय जरूरतों और मौसम को ध्यान में रखते हुए आयोग की यह प्रक्रिया पूरी की जा रही है ताकि केवल वैध और असली मतदाता ही सूची में बने रहें।

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अलग-अलग राज्यों का शेड्यूल जारी 

6 सितंबर 2026 को ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर की फाइनल लिस्ट आएगी. 11 सितंबर 2026 को दमन-दीव और दादरा-नगर हवेली की सूची जारी होगी. 22 सितंबर 2026 को आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ का फाइनल रोल आएगा.

1 अक्टूबर 2026 को तेलंगाना और पंजाब की फाइनल लिस्ट जारी होगी. वहीं 7 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक, मेघालय और झारखंड की सूची आएगी. जबकि दिल्ली और महाराष्ट्र में घर-घर जाकर वेरिफिकेशन की तारीख 17 अगस्त 2026 कर दी गई है. 24 अगस्त को ड्राफ्ट और 27 अक्टूबर 2026 को फाइनल लिस्ट आएगी.

 नागालैंड में 22 नवंबर और त्रिपुरा में 23 दिसंबर 2026 तक फाइनल लिस्ट आएगी. वहीं हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में खराब मौसम के कारण यहां का शेड्यूल बाद में जारी होगा.

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अगर आपका नाम कट जाए तो क्या करें?
अगर किसी सही और वैध वोटर का नाम गलती से इस लिस्ट से कट जाता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. चुनाव आयोग ने इसके लिए 'दावे और आपत्तियां' दर्ज करने का समय दिया है.

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आप घर बैठे ऑनलाइन तरीका अपना सकते हैं. इसके लिए राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (Voters Service Portal) पर जाएं. ECINET मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करें.  अपने इलाके के बीएलओ से संपर्क करें. आप फॉर्म भरकर अपना नाम वोटर लिस्ट में दोबारा जुड़वा सकते है. इसके लिए अपने जरूरी दस्तावेज तैयार रखें ताकि समय पर वेरिफिकेशन पूरा हो सके. 

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