चलती ट्रेनों में मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल यात्रियों की सुरक्षा के लिए चुनौती बनता जा रहा है. शनिवार तड़के मुंबई-हावड़ा मेल के एसी कोच में एक यात्री का पावर बैंक फटने से आग लग गई और धुआं फैल गया.
कोच में लगे फायर अलार्म के सक्रिय होते ही रेलवे कर्मियों का ध्यान घटना की ओर गया. संभावित खतरे को देखते हुए ट्रेन को रोकना पड़ा. हालांकि, स्थिति सामान्य होने के बाद ट्रेन को गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया. यह घटना चक्रधरपुर रेल मंडल के बंडामुंडा स्टेशन के पास की है.
बताया जाता है कि इंजन से 14वें स्थान पर स्थित बी-3 कोच की बर्थ संख्या 6 पर एक यात्री का पावर बैंक फट गया. इससे आग लग गई और कोच में धुआं फैलने लगा. धुएं के कारण फायर अलार्म सिस्टम सक्रिय हो गया.
घटना के बाद जांच में चेन पुलिंग की पुष्टि नहीं हुई. स्थिति सामान्य होने पर ट्रेन को हावड़ा के लिए रवाना कर दिया गया. प्रभावित यात्री को टीटीआई की ओर से दूसरी बर्थ उपलब्ध कराई गई.
छोटे उपकरण से बड़ा खतरा, यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत
इस घटना ने रेल यात्रा के दौरान पावर बैंक और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पावर बैंक की बैटरी में खराबी, ज्यादा गर्मी, उपकरण के क्षतिग्रस्त होने या तकनीकी गड़बड़ी के कारण आग लग सकती है.
विशेषज्ञों की सलाह है कि यात्रियों को अच्छी गुणवत्ता वाले पावर बैंक का इस्तेमाल करना चाहिए. फूली हुई, टूटी या असामान्य रूप से गर्म होने वाली बैटरी का उपयोग नहीं करना चाहिए. पावर बैंक को बिस्तर, कंबल या अन्य ज्वलनशील वस्तुओं के बीच रखकर चार्ज करने से भी बचना चाहिए.
अब रात में बंद रहेंगे कोच के अंदर चार्जिंग पॉइंट
इस घटना की पुष्टि करते हुए चक्रधरपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने कहा कि अब रात में ट्रेनों के चार्जिंग पॉइंट बंद कर दिए जाएंगे. यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है.
सीनियर डीसीएम ने बताया कि यात्री रात में पावर बैंक को चार्जिंग पर लगाकर सो गया था, जिसके कारण पावर बैंक में विस्फोट हो गया. घटना को गंभीरता से लेते हुए रात में ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट बंद करने के निर्देश दिए गए हैं.
सत्यजीत कुमार