देश के कई हिस्सों में मॉनसून कहर बनकर बरस रहा है. वहीं, पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं. कई जगह नदियां उफान पर हैं और भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आ रही हैं.
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार और शनिवार को कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. राज्य में रुक-रुककर बारिश हो रही है.
ब्यास नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. पंडोह बांध से BBMB की ओर से ब्यास नदी में 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. पानी छोड़ने से पहले सायरन बजाकर लोगों को अलर्ट किया गया. प्रशासन ने लोगों से ब्यास नदी के पास न जाने की अपील की है.
हिमाचल के नाहन और सिरमौर में भी पिछले दिनों भूस्खलन की घटनाएं सामने आई थीं. लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है. कुल्लू-मनाली में भारी बारिश के बीच ब्यास नदी और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ता जा रहा है. प्रशासन ने अलर्ट भी जारी किया है.
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उत्तराखंड में भी भारी बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है. रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से नदी के किनारे न जाने की अपील की है. लोगों से किसी भी आपदा या सड़क जाम की जानकारी तुरंत जिला आपातकालीन संचालन केंद्र को देने को कहा गया है. अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर हैं.
वहीं, जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में पिछले हफ्ते कई गांवों में ओलावृष्टि हुई थी. इससे सेब के बागों को काफी नुकसान हुआ है. जंगम, वानगाम, कछडोरा, कापरिन, हंजीपोरा, बरारीपोरा और जौपोरा सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल हैं. मौसम विभाग ने 9 से 11 अगस्त के बीच जम्मू डिवीजन के कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. पहाड़ी इलाकों में मौसम का कहर देखने को मिल रहा है. लोगों को नदी, जलाशयों के पास न जाने की सलाह दी गई है.
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