मेघालय के साउथ गारो हिल्स जिले में भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के पास ग्रामीणों ने एक बांग्लादेशी नागरिक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. आरोप है कि वह कुछ अन्य लोगों के साथ भारतीय क्षेत्र में चोरी और डकैती करने के इरादे से दाखिल हुआ था. यह घटना 29 अक्टूबर को गासुआपारा ब्लॉक के गांदीबोर सोंगोना गांव में हुई.
ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक, बांग्लादेश की ओर से कुछ लोग सीमा पार करके भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए थे. आरोप है कि उनका इरादा मवेशियों की चोरी और डकैती करने का था. गांव के लोगों की सतर्कता से इनमें से एक व्यक्ति पकड़ लिया गया, जबकि बाकी लोग मौके से भागने में कामयाब रहे.
ग्रामीणों का कहना है कि भारत-बांग्लादेश बॉर्डर से सटे मिनेंगग्रे गांव में चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. उनका आरोप है कि सीमा पार से आने वाले लोग मवेशियों के अलावा घरों से बर्तन और मोटरसाइकिल जैसी चीजें भी चोरी कर चुके हैं. इन घटनाओं से सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल है.
ग्रामीणों के मुताबिक, इससे पहले 3 अक्टूबर को भी इसी तरह की घटना सामने आई थी. उस दौरान भी कथित तौर पर डकैती करने आए लोगों में से एक को ग्रामीणों ने पकड़ लिया था. लगातार हो रही ऐसी घटनाओं को लेकर ग्रामीणों ने चिंता जताई है.
बीएसएफ से गश्त बढ़ाने की मांग
ग्रामीणों ने सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग करते हुए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 50वीं और 100वीं बटालियन के गासुआपारा बॉर्डर आउट पोस्ट में शिकायत दी है. शिकायत में भारत-बांग्लादेश सीमा पर नियमित गश्त बढ़ाने और सीमावर्ती गांवों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई है.
ग्रामीणों का आरोप है कि पहले भी कई बार शिकायतें करने के बावजूद इलाके में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं. उनका कहना है कि सीमावर्ती गांवों में रहने वाले गरीब परिवारों को अपनी संपत्ति और सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी रहती है.
ग्रामीणों ने मेघालय सरकार से सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की है. उनका कहना है कि सीमा के पास रहने वाले लोगों को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए और उनकी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए.
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