सिरदर्द-उल्टी के बाद दिमाग में ब्लीडिंग... पुलिस की पिटाई से पुजारी की मौत, हाईकोर्ट पहुंचा मामला

तमिलनाडु के मदुरै में पुजारी परमशिवम की इलाज के दौरान मौत के बाद पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं. परिवार का दावा है कि 17 जुलाई को पड़ोसियों से विवाद के बाद पुलिस ने परमशिवम के साथ मारपीट की थी. 24 जुलाई को उन्हें सिरदर्द और उल्टियां हुईं. 5 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दिमाग में ब्लीडिंग मिली.

Advertisement
पुजारी, जिसकी मौत पुलिस की पिटाई से हुई. (Photo: ITG) पुजारी, जिसकी मौत पुलिस की पिटाई से हुई. (Photo: ITG)

प्रमोद माधव

  • चेन्नई,
  • 19 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:35 AM IST

तमिलनाडु में मदुरै के मेल अनुप्पनाडी के रहने वाले पुजारी परमशिवम (55), उनकी पत्नी अय्यम्मल और बेटे प्रभु का 17 जुलाई की रात गाड़ी पार्क करने को लेकर अपने पड़ोसियों, मुथैया और मालती से झगड़ा हो गया था. इस घटना के सिलसिले में 23 जुलाई को चिंतामणि पुलिस स्टेशन में दोनों पक्षों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए. बाद में दोनों पक्षों को स्टेशन से ही ज़मानत पर छोड़ दिया गया.

Advertisement

सिर दर्द, उल्टियां, ब्लिडिंग और मौत
परिवार का आरोप है कि जब परमशिवम ने घटना के बारे में पुलिस से सवाल किया तो चिंतामणि पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की. उन्होंने बताया कि इसके बाद 24 जुलाई को उन्हें सिरदर्द और उल्टी की शिकायत हुई और उन्होंने पास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से दवा ली. 5 अगस्त को तबीयत बिगड़ने पर परमशिवम को मदुरै के सरकारी राजाजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने पाया कि उनके दिमाग में ब्लीडिंग (रक्तस्राव) हुई थी.

बाद में 11 अगस्त को उन्हें आगे के इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां 15 अगस्त की रात उनकी मौत हो गई. परिवार ने बताया कि जब 5 अगस्त को परमशिवम को राजाजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तो उन्होंने कहा था कि उन्हें घर पर गलती से गिरने के कारण चोट लगी थी. हालांकि, परिवार का आरोप है कि उन्होंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि उन्हें पुलिस ने धमकाया था, और उनका कहना है कि उनकी मौत का कारण पुलिस की पिटाई ही थी.

Advertisement

मौत पर मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच में लगाई गई याचिका
इसके बाद परिवार ने मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच का रुख किया और चिंतामणि पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर भास्करन, सब-इंस्पेक्टर जयकुमार, हेड कॉन्स्टेबल आनंद, कॉन्स्टेबल अब्दुल मोहम्मद और अन्य लोगों के खिलाफ उचित जांच और कार्रवाई की मांग की. जिन पर परमशिवम के साथ मारपीट करने का आरोप था.

याचिका के आधार पर मदुरै जिले की 5वीं मजिस्ट्रेट लक्ष्मीप्रिया ने राजाजी सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में परमशिवम के शव का निरीक्षण किया. दिन भर परिवार के सदस्यों से पूछताछ की और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की निगरानी की. मोर्चरी में परमशिवम की पत्नी अय्यम्मल फूट-फूट कर रो पड़ीं और आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके पति की पीट-पीटकर हत्या कर दी. अब झूठा दावा कर रही है कि गिरने से उनकी मौत हुई. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »