आपके भी LPG सिलेंडर में कम गैस तो नहीं? इस राज्य में हर 4 में से 1 सिलेंडर में मिली कम

कर्नाटक में 'मिशन निखारा' के तहत 1530 LPG सिलेंडरों की जांच की गई, जिसमें 25% सिलेंडरों में बताई गई मात्रा से कम गैस पाई गई. यह कमी अनुमत सीमा के भीतर थी. अभियान के दौरान तीन मामले दर्ज किए गए और कुल 79 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया.

Advertisement
मिशन निखारा के तहत राज्य में चलाया गया वेरिफिकेशन अभियान (Photo: ITG) मिशन निखारा के तहत राज्य में चलाया गया वेरिफिकेशन अभियान (Photo: ITG)

नागार्जुन

  • बेंगलुरु,
  • 28 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:54 PM IST

कर्नाटक में 'मिशन निखारा' के तहत अभियान चलाया गया. इसमें पाया गया कि राज्य में हर चार LPG सिलेंडरों में से एक में बताई गई मात्रा से कम गैस थी. हालांकि यह कमी तय सीमा के अंदर थी. इस अभियान के दौरान तीन मामले भी दर्ज किए गए. और कुल 79 हजार रुपये का जु्र्माना वसूला गया.

खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रिज़वान अरशद द्वारा शुरू किए गए इस अभियान के तहत 24 सितंबर को राज्य भर में वेरिफिकेशन किया गया. कर्नाटक के लीगल मेट्रोलॉजी डिपार्टमेंट ने राज्य भर में वेरिफिकेशन अभियान चलाया. इस अभियान के दौरान जांचे गए हर चार सिलेंडरों में से एक में बताई गई मात्रा से कम गैस थी.

Advertisement

24 सितंबर से राज्य में 'मिशन निखारा' के तहत शुरू किए गए अभियान के तहत राज्य भर में LPG बॉटलिंग यूनिट्स की जांच की गई. और 1,530 भरे हुए सिलेंडरों का वजन किया गया.  जांचे गए सिलेंडरों में से 382 (यानी 25%) सिलेंडरों में बताई गई मात्रा से कम गैस पाई गई. हालांकि यह कमी अनुमत त्रुटि सीमा के भीतर थी.

अन्य 205 सिलेंडरों(13.4%) में ठीक उतनी ही गैस पाई गई जितनी निर्धारित मात्रा है. वहीं, 943 सिलेंडरों (61.6%) में बताई गई मात्रा से ज्यादा गैस पाई गई. इस मामले में कर्नाटक के लीगल मेट्रोलॉजी डिपार्टमेंट ने बताया कि अभियान के दौरान तीन मामले दर्ज किए गए हैं और 79 हजार रुपये का जुर्माना भी लिया गया है. 

यह भी पढ़ें: पीठ पर गिटार था... AI कैमरे को लगा- बिना हेलमेट आदमी बैठा है... काट दिया 500 का चालान, बेंगलुरु की कहानी

Advertisement

इस जांच में 17 चालू बॉटलिंग यूनिट्स शामिल थीं, जिनमें BPCL, HPCL और IOCL की चार-चार यूनिट्स, टोटल एनर्जीस की दो यूनिट्स और तीन प्राइवेट बॉटलिंग यूनिट्स शामिल थीं. मंत्री ने बताया कि इस अभियान का मकसद सही माप सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है.

रिजवान अरशद ने कहा कि उपभोक्ताओं को तय मानकों के मुताबिक उचित मात्रा पाने का अधिकार है. उन्होंने उपभोक्ताओं से डिलीवरी के समय LPG सिलेंडरों के वजन की जांच करवाने के अपील की. 

सरकारी नियमों के मुताबिक, LPG मार्केटिंग कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए ज़रूरी है कि वे डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों को वजन करने वाले उपकरण उपलब्ध कराएं. उपभोक्ता डिलीवरी लेने से पहले वजन करने का अनुरोध कर सकते हैं और नियमों के मुताबिक, डिलीवरी से पहले उपभोक्ता सिलेंडर की वजन की जांच करने का अनुरोध कर सकते हैं. उपभोक्ताओं से किसी भी गड़बड़ी की शिकायत के लिए लीगल मेट्रोलॉजी डिपार्टमेंट की हेल्पलाइन नंबर 1800 599 1100 पर फोन करने का अनुरोध किया गया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »