'झारखंड को चारागाह समझा गया है...', सीएम हेमंत सोरेन ने केंद्र पर लगाया आरोप

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के विकास और शिक्षा व्यवस्था में केंद्र की उपेक्षा पर गंभीर चिंता जताई है, उन्होंने कहा कि वर्षों तक झारखंड को केवल खनिज संसाधनों के दोहन के लिए इस्तेमाल किया गया.

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रांची में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में सीएम ने बांटे जॉइनिंग लेटर रांची में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में सीएम ने बांटे जॉइनिंग लेटर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:47 PM IST

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को राज्य के विकास और शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक झारखंड को केवल खनिज संसाधनों के दोहन के लिए इस्तेमाल किया गया है, लेकिन यहां के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने या शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने पर कभी भी ध्यान नहीं दिया गया.

रांची में आयोजित एक कार्यक्रम में 1,042 नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांटते हुए सीएम ने कहा कि शिक्षक समाज को सही दिशा देने और बेहतर वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने कहा कि देश के जो राज्य आज विकास की दौड़ में आगे हैं, वे शिक्षा के क्षेत्र में भी मजबूत हैं.

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हेमंत सोरेन ने कहा, 'झारखंड भी शिक्षा के क्षेत्र में काफी आगे बढ़ सकता था, लेकिन दुर्भाग्य से इस राज्य को केवल खनिज संसाधन निकालने और देश व दुनिया की अर्थव्यवस्था में योगदान देने का माध्यम समझा गया. किसी ने इस बात की चिंता नहीं की कि यहां के लोग अपने पैरों पर कैसे खड़े होंगे.'

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में शिक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है. अब झारखंड के युवा देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ विदेशों में भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक ज्ञानवान समाज और शिक्षित नई पीढ़ी तैयार करना है.

सोरेन ने बताया कि उनकी पिछली सरकार के कार्यकाल में करीब 55 हजार लोगों को सरकारी नियुक्तियां दी गई थीं. वहीं, दूसरे कार्यकाल की शपथ लेने के दो महीने के भीतर ही नई भर्तियों की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. अधिकारियों के मुताबिक, पिछले छह महीनों में 9,812 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं.

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मुख्यमंत्री ने मौजूदा राजनीतिक माहौल पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि आज ऐसा वातावरण बनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य केवल राजनीतिक हित साधना है. उनके मुताबिक कुछ ताकतें समाज में नफरत फैलाने और लोगों को बांटने की कोशिश कर रही हैं.
उन्होंने कहा, "नफरत की आग जाति और धर्म नहीं देखती, वह सिर्फ अपना विनाशकारी काम करती है. हमें ऐसा माहौल नहीं बनने देना चाहिए, जहां हम एक-दूसरे को बांटने वाले नजरिए से देखने लगें."

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