19 दिन जेल, 7 साल की कानूनी लड़ाई... जापानी नागरिक को अब मिला 75 हजार का मुआवजा

बेंगलुरु में 2019 में कथित तौर पर गलत तरीके से हिरासत में लिए गए जापानी नागरिक हिरोतोशी तनाका को 7 साल बाद कर्नाटक सरकार से 75 हजार रुपये का मुआवजा मिला है. कर्नाटक राज्य मानवाधिकार आयोग ने माना था कि जमानती धाराओं में आरोपी होने के बावजूद उन्हें जरूरत से ज्यादा समय तक न्यायिक हिरासत में रखा गया.

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जापानी नागरिक ने 7 साल तक अपने अवैध हिरासत का केस लड़ा. (Photo- ITG) जापानी नागरिक ने 7 साल तक अपने अवैध हिरासत का केस लड़ा. (Photo- ITG)

सगाय राज

  • नई दिल्ली,
  • 24 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:37 AM IST

बेंगलुरु में सात साल पहले हुई एक घटना को लेकर जापान के नागरिक हिरोतोशी तनाका की लंबी कानूनी लड़ाई अब खत्म हुई है. कर्नाटक सरकार ने उन्हें 75 हजार रुपये का मुआवजा दिया है. तनाका को 2019 में कथित तौर पर गलत तरीके से हिरासत में रखा गया था. इस मामले में कर्नाटक राज्य मानवाधिकार आयोग ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मुआवजे का निर्देश दिया था.

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हिरोतोशी तनाका अक्टूबर 2019 में अंग्रेजी सीखने के लिए बेंगलुरु आए थे. वह आरटी नगर की एक निजी अकादमी में पढ़ाई कर रहे थे. इसी दौरान कथित तौर पर अनियमित क्लास को लेकर उनका अकादमी के प्रिंसिपल से विवाद हो गया. मामला बढ़ने पर दोनों के बीच हाथापाई हो गई.

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इसके बाद पुलिस ने तनाका के खिलाफ चोट पहुंचाने और आपराधिक धमकी समेत कुछ धाराओं में केस दर्ज किया. ये सभी धाराएं जमानती थीं. इसके बावजूद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और वह बेंगलुरु सेंट्रल जेल में 19 दिन तक रहे.

न्यायिक हिरासत में रखे गए थे जापानी नागरिक

कर्नाटक राज्य मानवाधिकार आयोग ने इस मामले की जांच की. आयोग ने माना कि जमानती अपराधों में आरोपी होने के बावजूद तनाका को अनावश्यक रूप से न्यायिक हिरासत में रखा गया था. आयोग ने राज्य सरकार को उन्हें मुआवजा देने का निर्देश दिया. साथ ही जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने को भी कहा गया.

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हिरासत के बाद डिटेंशन कैंप भेज दिया गया था

मामला यहीं खत्म नहीं हुआ. तनाका को बाद में डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया और 2021 में उन्हें भारत से जापान डिपोर्ट कर दिया गया. लेकिन देश लौटने के बाद भी उन्होंने मामले को छोड़ा नहीं. उन्होंने जापान से ही कानूनी प्रक्रिया जारी रखी और अपनी हिरासत के खिलाफ जवाबदेही की लड़ाई लड़ते रहे.

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अब कर्नाटक सरकार ने मानवाधिकार आयोग के आदेश के बाद तनाका को 75 हजार रुपये का मुआवजा जारी कर दिया है. सात साल बाद मिला यह मुआवजा तनाका के लिए सिर्फ आर्थिक राहत नहीं, बल्कि उस लंबी कानूनी लड़ाई के बाद मिली एक अहम राहत भी है.

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