जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के सामने केंद्र सरकार ने हाई-पावर्ड कमेटी की अब तक की कार्रवाई की जानकारी दी. कोर्ट को बताया गया कि कमेटी की पहली बैठक 18 अगस्त को हो चुकी है और अगली बैठक 15 सितंबर को होगी.
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक कमेटी को ऑफिस और स्टाफ समेत जरूरी लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया जा चुका है. अब कमेटी को सीधे सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट करनी होगी.
याचिकाकर्ताओं के वकील गोपाल शंकरनारायण ने मांग की कि कमेटी की मदद के लिए स्वतंत्र एमिकस और एओआर नियुक्त किया जाए.साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के वकीलों को कमेटी को रीप्रेजेंट नहीं करना चाहिए.
इस पर कोर्ट ने साफ कहा कि सरकार के वकील के कमेटी को रिप्रजेंट करने का सवाल ही नहीं है. कमेटी सीधे सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में काम करेगी और अपनी रिपोर्ट भी सीधे अदालत को देगी.
कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर कमेटी को मदद के लिए एमिकस की जरूरत महसूस होती है तो वह इसकी मांग कर सकती है. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट एमिकस नियुक्त करने पर विचार करेगा.
लोग कमेटी के सामने रख सकेंगे अपनी बात
याचिकाकर्ता की ओर से सुझाव दिया गया कि कमेटी की सुनवाई की जगह की जानकारी रोजाना अखबारों में विज्ञापन के जरिए दी जानी चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग वहां पहुंचकर अपनी बात रख सकें.
कोर्ट ने इस सुझाव पर सहमति जताई. CJI सूर्यकांत ने कहा कि जो भी व्यक्ति कमेटी के सामने पेश होना चाहता है, वह अपनी जानकारी, दस्तावेज या सबूत जमा कर सकता है. कमेटी इन पर विचार करेगी.
नोएडा के नोटिस पर भी कोर्ट में बहस
जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल एक छात्र को नोएडा में जारी नोटिस का मामला भी सुनवाई के दौरान उठा. छात्र की ओर से वकील दिनेश ने कहा कि याचिका में जरूरी सुधार कर दिए गए हैं.
वहीं सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि याचिकाकर्ता के वकील कोर्ट को गुमराह कर रहे हैं.उन्होंने साप किया कि नोटिस जिला मजिस्ट्रेट ने नहीं, बल्कि कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने जारी किया था. सरकार ने संबंधित अधिकारी को सस्पेंड कर दिया है.
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नाबालिग लड़की-लड़के की सुरक्षा का मुद्दा
जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट के आरोपों से जुड़े एक नाबालिग लड़की और लड़के की सुरक्षा का मामला भी कोर्ट में आया. दोनों नोएडा और गाजियाबाद से हैं और फिलहाल अंडरग्राउंड बताए गए हैं.
उनकी ओर से दाखिल याचिका में पुलिस ज्यादती का आरोप लगाया गया. वकील ने कुछ कथित धमकी वाले वीडियो भी याचिका के साथ लगाए जाने की बात कही. एक कथित पीड़ित से जुड़ी FIR पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में दर्ज होने की जानकारी भी दी गई.
17 मेट्रो स्टेशन बंद करने पर भी नोटिस
सुनवाई के दौरान प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के 17 मेट्रो स्टेशन तीन दिन तक बंद किए जाने का मुद्दा भी उठा. वकील ने इसे आम नागरिकों के अधिकारों के हनन से जोड़ते हुए सवाल उठाया.
इस पर जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने नोटिस जारी करने की बात कही. चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी नोटिस जारी किए जाने की पुष्टि की.
संजय शर्मा