जयपुर के बगरू इलाके में स्थित रामपुरा-कंवरपुरा गांव में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों का झड़प पर ग्रामीणों का कहना है कि हम अपने गांव में बीजेपी और कांग्रेस के अलावा किसी को नहीं घुसने नहीं देंगे. ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल सुधारने के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा था, इसलिए उन्होंने इकट्ठा होकर कार्यकर्ताओं का विरोध किया और उन्हें वापस भेजा.
दरअसल, सीजेपी की टीम शुक्रवार को जयपुर के बगरू इलाके स्थित रामपुरा-कंवरपुरा गांव में स्कूल ठीक करो अभियान के तहत एक सरकारी स्कूल का जायजा लेने पहुंची थी. इसी दौरान सीजेपी की टीम को ग्रामीणों द्वारा विरोध का सामना करना पड़ा. पार्टी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि स्कूल परिसर में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनकी टीम के साथ मारपीट की और गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए.
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत गांव के सरकारी स्कूल की जमीनी स्थिति देखने गए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मौजूद भाजपा के लोगों और कार्यकर्ताओं ने उनकी टीम के साथियों के साथ मारपीट की और उनके वाहनों के शीशे तोड़ दिए.
'ग्रामीणों ने नहीं किया हमला'
एक ग्रामीण जुगल किशोर शर्मा ने सीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ग्रामीणों ने कोई हमला नहीं किया. उन्होंने कहा कि सीजेपी वाले अपने साथ 200 से 250 लोगों को लेकर आए थे और उन्होंने खुद अपनी गाड़ी तोड़ी.
मरम्मत के लिए स्वीकार हुए 12 लाख रुपये
जुगल किशोर ने कहा कि स्कूल की मरम्मत के लिए स्थानीय विधायक द्वारा 12 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की जा चुकी है. उन्होंने आगे कहा कि वह भाजपा या कांग्रेस के अलावा किसी अन्य पार्टी को यहां नहीं आने देंगे.
'डरी हुई है मेरी पत्नी'
उन्होंने ये भी दावा किया कि उन लोगों के साथ बहुत सारे लोगों आए थे, जिससे मेरी पत्नी काफी डर गई है और वह डर की वजह से बाहर नहीं निकल रही हैं.
स्कूल में पढ़ते हैं 20-25 बच्चे
दूसरी ओर गांव की रहने वाली अनु शर्मा ने कहा कि हमारे इस स्कूल को तोड़ने की कोशिशें चल रही हैं और ये स्कूल टूट जाएगा तो हम वोट कहां डालेंगे. इस स्कूल में हमारे मोहल्ले के 20-25 बच्चे पढ़ते हैं तो वो कहां पढ़ेंगे.
महिला के अनुसार, न तो इस स्कूल की मरम्मत हो रही है. हमने इसके लिए कई बार शिकायत की है और सीजेपी वाले यहां आकर विरोध कर रहे हैं और बोल रहे हैं कि स्कूल को तोड़ेंगे. हम इस स्कूल को तोड़ने नहीं दें.
उन्होंने दावा किया कि स्कूल की मरम्मत के लिए पैसे पास हो चुके हैं. गांवों वाले इस लिए विरोध कर रहे हैं कि स्कूल टूट जाएगा तो हमारे बच्चे कहां पढ़ेंगे.
महिला ने सीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीठ की बातों को खारिज करते हुए कहा कि मारपीट नहीं हुई, उनके साथ दो महिलाएं आईं थीं तो उनके विरोध में थोड़ी कहा-सुनी हो गई थी. हम लोगों ने उनसे पहले भी यहां आने के लिए मना किया था, लेकिन वो नहीं माने. अब आज सुबह आकर इसको तोड़ने लगे.
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