रेलवे का बड़ा सेफ्टी अपग्रेड, कवच 4.0 से इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग तक चार प्रोजेक्ट मंजूर

भारतीय रेलवे ने ट्रेन संचालन को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए कवच 4.0, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन अपग्रेड और चार लेन रोड ओवरब्रिज सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है.

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रेलवे ने कवच और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग समेत चार प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है रेलवे ने कवच और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग समेत चार प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:52 PM IST

भारतीय रेलवे ने ट्रेन संचालन को अधिक सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए देश के अलग-अलग रेलवे डिवीजनों में कई इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इनमें स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम 'कवच 4.0', इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम, इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम को अपग्रेड करने और चार लेन के रोड ओवरब्रिज के निर्माण से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं.

रेल मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ डिवीजन में 607.7 रूट किलोमीटर पर कवच वर्जन 4.0 लगाने की मंजूरी दी गई है. इस परियोजना पर कुल 252 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

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इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद लखनऊ डिवीजन के चिह्नित शेष रेल खंड भी कवच 4.0 के दायरे में आ जाएंगे. इससे ट्रेन संचालन से जुड़े सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी.

कवच भारतीय रेलवे की स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन प्रणाली है. यह लोको पायलट के रेड सिग्नल पार करने जैसी स्थिति में जरूरत पड़ने पर अपने आप ब्रेक लगाने में मदद करती है. इसके साथ ही यह ट्रेन संचालन की निगरानी कर सुरक्षित परिचालन में सहायता करती है.

सोलापुर के सात स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग

रेल मंत्रालय ने मध्य रेलवे के सोलापुर डिवीजन के सात स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) लगाने को भी मंजूरी दी है. इस परियोजना पर कुल 209 करोड़ रुपये खर्च होंगे. अधिकारियों के मुताबिक, आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम से डिवीजन का रेलवे सिग्नलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा. इसके साथ ही कवच प्रणाली को लागू करने में भी मदद मिलेगी.

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रेलवे ने दक्षिण तट रेलवे के सवालयपुरम-गुंटूर सेक्शन पर इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम को मौजूदा 1x25 kV से अपग्रेड कर 2x25 kV करने का फैसला किया है. 73 रूट किलोमीटर लंबे इस सेक्शन की परियोजना पर 142 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. यह परियोजना कुल 146 ट्रैक किलोमीटर को कवर करेगी. मंत्रालय के मुताबिक, इससे इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने के साथ बढ़ते रेल यातायात को संभालने की क्षमता भी बढ़ेगी.

उधना-उकाई सोंगढ सेक्शन पर बनेगा चार लेन ROB

इसके अलावा पश्चिम रेलवे के उधना-उकाई सोंगढ सेक्शन में लेवल क्रॉसिंग संख्या 53 की जगह चार लेन का रोड ओवरब्रिज (ROB) बनाया जाएगा. इस परियोजना की कुल लागत करीब 133.23 करोड़ रुपये होगी और इसे राज्य सरकार के साथ लागत साझा करने के आधार पर बनाया जाएगा.

रेल मंत्रालय के मुताबिक, चार लेन के इस रोड ओवरब्रिज के बनने से सड़क यातायात सुगम होगा और रेलवे संचालन में सड़क यातायात के कारण होने वाला हस्तक्षेप भी कम किया जा सकेगा.

इन चारों परियोजनाओं पर कुल मिलाकर करीब 736 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं. रेलवे का फोकस आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के जरिए ट्रेन संचालन की सुरक्षा, सिग्नलिंग व्यवस्था और बुनियादी ढांचे की क्षमता बढ़ाने पर है.

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