ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच सरकार अलर्ट, खाद और गैस आपूर्ति पर हुई हाई लेवल बैठक

पश्चिम एशिया तनाव के बीच केंद्र सरकार ने खाद और पेट्रोलियम गैस की स्थिति की समीक्षा की. बैठक में अमित शाह, एस जयशंकर, जेपी नड्डा और हरदीप सिंह पुरी मौजूद रहे. सरकार ने बताया कि खरीफ के लिए पर्याप्त खाद स्टॉक उपलब्ध है, लेकिन हालात को देखते हुए मोरक्को जैसे नए स्रोतों से आयात बढ़ाया जा रहा है. गैस कमी का असर उत्पादन पर पड़ सकता है, इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था पर जोर दिया गया है.

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गृह मंत्री अमित शाह बैठक में रहे मौजूद. File Photo ITG गृह मंत्री अमित शाह बैठक में रहे मौजूद. File Photo ITG

हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 24 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:00 PM IST

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सरकार सतर्क नजर आ रही है. इसी कड़ी में केंद्र सरकार के मंत्रियों (जीओएम) के एक समूह की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें खाद और पेट्रोलियम गैस की मौजूदा स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया. इस बैठक में अमित शाह, एस. जयशंकर, जे. पी. नड्डा और हरदीप सिंह पुरी समेत कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे. बैठक में खासतौर पर उर्वरक और गैस आपूर्ति की स्थिति पर चर्चा की गई.

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सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में खाद की उपलब्धता फिलहाल संतोषजनक है और खरीफ की बुआई के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. हालांकि, वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए भारत नए स्रोतों से खाद की खरीद बढ़ा रहा है. इस सिलसिले में मोरक्को जैसे देशों से आयात पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित संकट से निपटा जा सके.

फर्टिलाइजर उत्पादन पर पड़ सकता है असर
बैठक में यह भी सामने आया कि गैस सप्लाई में कमी का असर फर्टिलाइजर उत्पादन पर पड़ सकता है. ऐसे में सरकार ने वैकल्पिक स्रोतों से खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना बनाई है, जिससे किसानों पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े.

डीजल वाहनों के लिए जरूरी तकनीकी ग्रेड यूरिया (टीजीयू) और डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (डीईएफ) की उपलब्धता को लेकर भी स्थिति सामान्य बताई गई. अधिकारियों के अनुसार, इनकी आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में है और फिलहाल किसी तरह की कमी की आशंका नहीं है.

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सरकार ने हालात पर लगातार नजर बनाए रखने का फैसला किया है. इसके तहत अलग-अलग मंत्रालयों के साथ रोजाना बैठकें की जाएंगी, ताकि बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें.

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