देश के कई हिस्सों में रविवार, 23 अगस्त को मानसून सक्रिय रहने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है. पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश के ऊपर बना मौसम सिस्टम मध्य भारत में बारिश को प्रभावित कर रहा है, जबकि उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और मौसम सिस्टम बन रहा है.
IMD के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. 23 अगस्त को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. IMD ने हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान जताया है.
इसका असर पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिलेगा. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश की संभावना है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है और यहां अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश की भी संभावना है. बारिश के व्यापक पैटर्न के अनुसार, आने वाले दिनों में मध्य भारत मानसून की सक्रियता वाले मुख्य क्षेत्रों में बना रह सकता है. पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर व्यापक बारिश का अनुमान है.
दिल्ली-NCR में होगी बारिश?
दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में IMD ने 23 अगस्त को कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान जताया है. हालांकि, पूरे क्षेत्र में बारिश नहीं होगी, लेकिन अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. वहीं, कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कई जगहों पर व्यापक बारिश होने की संभावना है. गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है.
मौसम में यह बदलाव मानसून ट्रफ के साथ कई मौसम प्रणालियों के आपसी प्रभाव के कारण हो रहा है. मानसून ट्रफ फिलहाल अमृतसर से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों से होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है. वहीं, बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया मौसम सिस्टम आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों को और बढ़ा सकता है.
aajtak.in