हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पेट्रोल-डीजल पर लगाए गए ‘अनाथ और विधवा सेस’ का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि सेस लगने के बावजूद हिमाचल में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड से कम हैं.
बुधवार को मुख्यमंत्री सुक्खू बिलासपुर के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे. यहां उन्होंने एम्स अस्पताल का निरीक्षण किया और डॉक्टरों व मरीजों से मुलाकात की.
इस दौरान पेट्रोल-डीजल पर लगाए गए सेस को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने सरकार के फैसले का बचाव किया और कहा कि इस सेस के बावजूद राज्य में पेट्रोल-डीजल की कीमतें पड़ोसी राज्यों के मुकाबले अभी भी कम हैं. CM सुक्खू ने कहा कि पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें हिमाचल से सवा रुपये ज्यादा है. इसलिए 60 पैसे अनाथ और विधवा सेस लगाया गया है. मुख्यमंत्री का कहना है कि आज भी हिमाचल में पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें अन्य जगहों से कम है.
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वहीं हिमाचल सरकार के इस फैसले पर राज्य के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हमला बोला है. उनका कहना है कि हिमाचल सरकार राज्य में कोई भी टैक्स या अतिरिक्त शुल्क लगाकर आम लोगों की परेशानियों को बढ़ा रही है.
कानूनी आधार की बात करें, तो इस फैसले की नींव अप्रैल 2026 के विधानसभा बजट सत्र में ही रख दी गई थी. तब हिमाचल प्रदेश VAT (संशोधन) कानून, 2026 पारित हुआ था, जिसमें इस सेस की अधिकतम सीमा ₹5 प्रति लीटर तय की गई थी. अब अधिसूचना जारी कर इसकी शुरुआती दर 60 पैसे लागू कर दी गई है. राज्य में अब पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल की कीमतों में 60 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है.
राज्य सरकार के इस फैसले से मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल सामाजिक कल्याण की योजनाओं में किए जाने की बात कही जा रही है.
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