बड़गाईं अंचल के 8.86 एकड़ जमीन घोटाला मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर आरोप तय हुए हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत की कार्रवाई में शामिल हुए. 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं.
अब मामले में ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. बता दें, इस मामले में ED की जांच के बाद कुल 17 लोगों को आरोपी बनाया गया है. इससे पहले अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में पूरी हो चुकी है. इस मामले में अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर आरोप तय हुए. वहीं, मुख्यमंत्री ने सुनवाई के दौरान अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को निराधार बताया.
बता दें, हाई कोर्ट ने ED को मामले में सप्लीमेंट्री हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. साथ ही, 20 अक्टूबर तक इसकी कॉपी सभी पक्षों को देने के लिए कहा है. इस मामले में 28 अक्टूबर को अगली सुनवाई होने वाली है.
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ED के मुताबिक, जमीन पर हेमंत सोरेन का कथित कब्जा था. एजेंसी ने अपनी जांच में एक केयरटेकर और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदे गए फ्रिज और स्मार्ट टीवी के बिल को भी सबूत के तौर पर शामिल किया था. ED का दावा है कि ये सामान उसी जमीन के पते पर खरीदे गए थे. एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि राजकुमार पाहन को जमीन पर कब्जा दिखाने के लिए हेमंत सोरेन का कथित फ्रंट बनाया गया था.
इस मामले में ED ने हेमंत सोरेन को 31 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया था. एजेंसी ने मामले में हेमंत सोरेन समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया था. बाद में यह मामला PMLA कोर्ट में चला. हाईकोर्ट ने जून 2024 में उन्हें इस मामले में जमानत दे दी थी. अब इस मामले में हेमंत सोरेन पर आरोप तय हुए हैं.
सत्यजीत कुमार