सुप्रीम कोर्ट की सख्ती से लाइन पर आया FSSAI, इन नियमों का करेगा पालन

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सुप्रीम कोर्ट में डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों में अधिक नमक, चीनी, वसा और कृत्रिम मिठास के लिए चेतावनी लेबल लगाने के नए नियमों की रिपोर्ट दायर की है.

Advertisement
FSSAI ने सुप्रीम कोर्ट में बताया पूरा प्लान (Photo: ITG) FSSAI ने सुप्रीम कोर्ट में बताया पूरा प्लान (Photo: ITG)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 23 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:48 PM IST

डिब्बाबंद फूड यानी पैकेज्ड खाद्य सामग्री में ज्यादा नमक, चीनी और वसा की मात्रा को लेकर FSSAI यानी भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दायर की है. याचिकाकर्ता के वकील राजीव शंकर द्विवेदी का कहना है कि उन्हें भी इस हलफमाने की प्रति मिली है. इसमें खाद्य पदार्थों पर चेतावनी लेबल लगाने को लेकर FSSAI ने अपनी योजना बताई है. 

Advertisement

पैकेज्ड फूड में चीनी, नमक या फैट तय सीमा से ज्यादा होने पर फ्रंट पैक पर साफ स्वास्थ्य चेतावनी लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI को बीते दिनों फटकार लगाई थी. जिसके बाद FSSAI ने नियमों को एक ही चरण में लागू करने के प्रस्ताव को स्वीकार किया है. इसके लिए ड्राफ्ट नियम तैयार करने की 4 महीने की समयसीमा तय की गई है. नियम लागू होने के बाद फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को इन्हें अपनाने के लिए 365 दिनों का समय दिया जाएगा. 

पैकेट पर देनी होगी आर्टिफिशियल स्वीटनर की चेतावनी

लेबलिंग और डिस्प्ले नियमों में संशोधन के साथ अन्य खाद्य सुरक्षा नियमों में बदलाव भी अधिसूचना जारी होने की तारीख से एक साल के अंदर लागू होगा. यह नियम 1 जुलाई से लागू किए जाने का प्रस्ताव है. 

अब अधिक नमक, चीनी, वसा के अलावा, पैकेट पर कृत्रिम मिठास यानी आर्टिफिशियल स्वीटनर की भी चेतावनी जारी करनी होगी. अगर किसी खाद्य या पेय पदार्थ में नॉन कैलोरिक स्वीटनर है तो पैकेट पर 'CONTAIN NON CALORIC SWEETENER' ऐसी चेतावनी लिखनी होगी. फिलहाल पैकेट के पीछे छोटे अक्षरों में यह जानकारी दी जाती है. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: खाने के पैकेट पर लिखे 14 नंबर पढ़ना सीखिए, FSSAI का है ये राज

FSSAI ने प्राकृतिक और अधिक चीनी  वाले खाद्य पदार्थों के वर्गीकरण में आने वाली परेशानियों का भी जिक्र किाय है. FSSAI के मुताबिक, फलों और दूध में प्राकृतिक रूप से मौजूद चीनी और प्रोसेसिंग के दौरान मिलाई जाने वाली चीनी, जैसे चाशनी सिरप को अलग किए बिना किसी खाद्य पदार्थ को सिर्फ उच्च शर्करा वाला बताना मुश्किल है. FSSAI का कहना है कि सेहत और शरीर पर असर के मामले में हर तरह की शर्करा एक जैसी नहीं होती. 

वेज-नॉन वेज और सुरक्षा लेबल अलग होंगे

FSSAI के मुताबिक, पैकेट पर अब वेज, नॉन वेज की पहचान और खाद्य सुरक्षा चेतावनी लेबल अलग-अलग दिखेंगे. इनके आकार और रंगों में अंतर होगा, जिससे उपभोक्ता इसकी पहचान कर सके. 

FSSAI ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि स्कूलों में खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियम 2020 में ही जारी किए जा चुके हैं. इनमें स्कूल में भोजन तैयार करने के मानक भी शामिल हैं. बता दें, FSSAI और शिक्षा मंत्रालय छात्रों के लिए पहले ही ईट राइट कैंपेन को शुरू कर चुके हैं. FSSAI का कहना है कि स्कूलों को 'FSSAI ईट राइट स्कूल' प्रमाणन प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि सुरक्षित और स्वस्थ भोजन के माहौल को बढ़ावा दिया जा सके.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »