देश के कई हिस्सों में मॉनसून ने रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन कई राज्यों में बारिश अब राहत से ज्यादा आफत बनती जा रही है. हिमाचल से लेकर पूर्वोत्तर, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र तक बाढ़ और फ्लैश फ्लड ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. कहीं ग्लेशियर पिघलने से सड़कें बह गई हैं, तो कहीं लोग और मवेशी बाढ़ में फंस गए हैं.
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में ग्लेशियर पिघलने से झालमा नाले में अचानक फ्लैश फ्लड आ गया. पानी का बहाव इतना तेज था कि सड़क का बड़ा हिस्सा अपने साथ बहा ले गया. अचानक आए सैलाब की वजह से पचास पर्यटक पहाड़ी इलाके में फंस गए, जिन्हें निकालने की कोशिश जारी है.
असम में भी लगातार बारिश ने भारी तबाही मचाई है. डिकारी नदी का जलस्तर आसपास के इलाकों में कहर ढा रहा है. कोराइबाड़ी चार में 15 से ज्यादा लोग सैलाब के बीच घिर गए. करीब 100 मवेशी बाढ़ की चपेट में हैं.
असम के धेमाजी में भी हालात बिगड़े हुए हैं. यहां सिमेन नदी में 4 लोग बह गए. हालांकि, तीन ग्रामीणों को रेस्क्यू कर लिया गया जबकि चौथे की तलाश जारी है.
ये तस्वीर अरुणाचल प्रदेश की है जहां भारी बारिश और बाढ़ की वजह से हालात बदतर हो गए हैं. जगह-जगह फंसे लोगों को रेस्क्यू करने के लिए वायुसेना की मदद ली जा रही है.
सरकार ने लोगों से पहाड़ी इलाकों में ना जाने की अपील की है. वहीं, मध्य प्रदेश के खरगोन में मोहनी नदी उफान पर है. कई बस्तियों और खेतों में पानी भर गया है.
महाराष्ट्र के जालना में मूसलाधार बारिश के बाद नाले में आई बाढ़ से सड़कें जलमग्न हो गईं हैं. पानी के तेज बहाव के बीच लोग जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करने को मजबूर हैं.
मौसम विभाग ने देश के पहाड़ी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की चेतावनी दी है. लोगों से सतर्क रहने की उम्मीद है.
आजतक ब्यूरो