अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में शनिवार शाम 6 बजकर 4 मिनट पर 6.2 तीव्रता का भूकंप आया. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Centre for Seismology) के मुताबिक भूकंप का केंद्र पूर्वोत्तर अफगानिस्तान में कालाफगान से करीब 81 किलोमीटर दूर, 36.442° उत्तरी अक्षांश और 70.672° पूर्वी देशांतर पर और धरती की सतह से 215 किलोमीटर की गहराई में था. भूकंप का केंद्र धरती की सतह से अत्यधिक गहराई में होने के कारण इसके झटके पाकिस्तान, भारत के उत्तरी हिस्से, चीन, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान और तुर्कमेनिस्तान समेत कई देशों में महसूस किए गए.
दिल्ली-एनसीआर में भी कुछ सेकेंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए. इस भूकंपीय घटना में फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई तत्काल सूचना नहीं मिली है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक धरती की सतह से अधिक गहराई में आने वाले भूकंप के झटके व्यापक इलाके में महसूस होते हैं, लेकिन सतह पर नुकसान अपेक्षाकृत कम होने की संभावना रहती है. अफगानिस्तान का हिंदूकुश क्षेत्र भूकंपीय रूप से काफी संवेदनशील है. यहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की टक्कर के कारण अक्सर तेज भूकंप आते रहते हैं.
EQ of M: 6.2, On: 27/06/2026 19:04:51 IST, Lat: 36.442 N, Long: 70.672 E, Depth: 215 Km, Location: Afghanistan.
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जम्मू-कश्मीर में भी भूकंप के तेज झटके महसूस हुए और लोग घबराकर घरों और दफ्तरों से बाहर सड़कों और खुली जगहों की ओर भागे. जम्मू-कश्मीर भी भूकंप के लिहाज से काफी संवेदनशील है और यहां समय-समय पर हल्के से मध्यम तीव्रता के भूकंपीय झटके महसूस होते रहते हैं. भूकंप विज्ञानी 6.2 तीव्रता के भूकंप को एक शक्तिशाली भूकंपीय घटना मानते हैं, जो गंभीर नुकसान पहुंचाने में सक्षम होती है. हालांकि इसका प्रभाव भूकंप की गहराई और स्थानीय बुनियादी ढांचे पर निर्भर करती है.
इससे पहले 27 जून को भारत के हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भी 3.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था. भारतीय समयानुसार सुबह 11:38 बजे आए इस भूकंप की गहराई धरती की सतह से महज 5 किलोमीटर की गहराई में थी. इसका केंद्र धर्मशाला से करीब 22 किलोमीटर उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में, भूकंपीय रूप से संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में स्थित था. इसे कम तीव्रता का भूकंप माना गया, जिसमें किसी तरह के जान माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली.
आशुतोष मिश्रा