रांची में प्रोटेस्टर देवेंद्र महतो ने तोड़ा Water Fast, सोनम वांगचुक से लाइव बातचीत के बाद मानी अपील

Devendra Nath Mahto ends water fast in Jharkhand's Ranchi: रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी के खिलाफ अनशन कर रहे जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो से सोनम वांगचुक ने फोन पर बात की. महतो ने शर्त रखी थी कि वे वांगचुक के आने पर ही अनशन तोड़ेंगे. लगातार आग्रह के बाद महतो पानी लेने को राजी हो गए. वांगचुक ने भरोसा दिलाया कि वे जल्द रांची आकर प्रदर्शन का समर्थन करेंगे.

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    सोनम वांगचुक की अपील के बाद देवेंद्र महतो ने पिया पानी (Photo: ITG) सोनम वांगचुक की अपील के बाद देवेंद्र महतो ने पिया पानी (Photo: ITG)

सत्यजीत कुमार

  • रांची, झारखंड,
  • 05 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 12:36 PM IST

झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ चल रहा प्रदर्शन एक नए मोड़ पर पहुंच गया है. जेएलकेएम के केंद्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं. उन्होंने शर्त रखी थी कि वे तभी अपना अनशन तोड़ेंगे जब सोनम वांगचुक खुद रांची आकर उनसे मिलेंगे.

इसी बीच सोनम वांगचुक ने फोन पर देवेंद्र महतो से बातचीत की और उनसे अनुरोध किया कि वे अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए शहद और पानी लें. महतो ने यह आग्रह मान लिया और पानी ग्रहण किया. आज रांची में छात्रों का आंदोलन का 12वां दिन है.

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फोन पर बातचीत के दौरान देवेंद्र महतो ने वांगचुक से कहा कि वे उनका बहुत सम्मान करते हैं और चाहते हैं कि वांगचुक रांची आएं. महतो ने कहा कि उनकी इच्छा है कि वे वांगचुक के सामने ही जल ग्रहण करें. इस पर सोनम वांगचुक ने आश्वासन दिया कि वे प्रदर्शन का समर्थन करने रांची आएंगे. बातचीत में वांगचुक ने महतो को समझाया कि यदि वे पानी और नमक भी नहीं लेंगे तो लंबे समय तक टिक नहीं पाएंगे.

उन्होंने कहा कि अनशन का मकसद खुद को नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि गहरी नींद में सोई सरकार को जगाना है. वांगचुक ने यह भी बताया कि महात्मा गांधी भी अनशन के दौरान पानी में नींबू मिलाकर लेते थे. उनके अनुसार पानी, शहद और नींबू जैसी चीजें शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने में मदद करती हैं. लगातार आग्रह के बाद देवेंद्र महतो पानी लेने के लिए तैयार हो गए हैं.

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सोनम वांगचुक से बातचीत के बाद देवेंद्र महतो ने पानी ग्रहण किया


बता दें कि यह प्रदर्शन जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर किया जा रहा है और परीक्षार्थी लगातार स्टेडियम में डटे हुए हैं. 

कौन है देवेंद्र महतो?

देवेंद्र नाथ महतो रांची के एक गांव से हैं और बुंडू से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची से उच्च शिक्षा हासिल की. वे संस्कृत, कुरमाली सहित जनजातीय व क्षेत्रीय भाषाओं में परास्नातक हैं और हजारीबाग से बीएड भी कर चुके हैं.

यह भी पढ़ें: कौन हैं देवेंद्र नाथ महतो, जो बने रांची के Gen-Z छात्र आंदोलन का चेहरा?

वे 2024 में झारखंड विधानसभा चुनाव में तमाड़ सीट से निर्दलीय उम्मीदवार भी रह चुके हैं. महतो 2015 से छात्र आंदोलनों से जुड़े हैं और छठी जेपीएससी परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन के दौरान उनकी मां का निधन हो गया था. कॉकरोच जनता पार्टी ने भी इस आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की है.

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